"शरद पवार हमेशा से हिन्दू विरोधी। वे कभी रामायण पर कटाक्ष करते हैं तो कभी उसको अप्रासंगिक बताते हैं। और न ही वे पांडुरंग की पूजा में शामिल होते हैं। पवार नास्तिक मंडलियों के साथ हैं। और ऐसे में अगर पैसों के लालच में उन्हें कोई कार्यक्रमों में बुलाता है तो यह अधार्मिक ही है।"
"सब इंस्पेक्टर उमराव खान से किन्हीं वजहों से मेरा संपर्क 2016 में हुआ था। उसने अपने तीन साथियों इब्राहिम, हाजी मैनुद्दीन और शाहिद के साथ मिलकर नशीला पदार्थ खिलाकर मेरे साथ गैंगरेप किया। अब इसका वीडियो वायरल करके..."
"सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के मुताबिक मस्जिद निर्माण के लिए भूमि उपयुक्त जगह पर नहीं दी गई है। वहाँ अयोध्या के लोग नमाज पढ़ने नहीं जा सकते। हम अब राज्य सरकार के आवंटन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।"
बचाव में पुलिस ने लाठीचार्ज कर महिलाओं को खदेड़ना शुरू कर दिया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद ही स्थिति को कंट्रोल में किया जा सका।
जस्टिस कैत ने सुनवाई करते हुए कहा कि दोषियों ने सजा में देरी करने की रणनीति अपनाई है। इसलिए मैं सभी दोषियों को 7 दिनों के भीतर उनके कानूनी उपचार के लिए निर्देशित करता हूँ, जिसके बाद अदालत को उम्मीद है कि अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करना होगा।
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सीएए के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इस धरने में अभी तक CPI नेता कन्हैया कुमार, राजद पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, माले नेता दीपांकर भट्टाचार्या, मशहूर शायर इमरान प्रताप गढ़ी माँगों के समर्थन में शामिल हो चुके हैं
मुंबई पुलिस ने आरोपित उर्वशी चूड़ावला की माँ को बुलाकर पूछताछ की। उर्वशी की माँ ने अपनी बेटी की गलती स्वीकारते हुए कहा कि उनकी बेटी को बहकाया गया है। उर्वशी पर मुंबई के आजाद मैदान में "शरजील तेरे सपनों को हम मंजिल तक पहुँचाएंगे" जैसे नारे लगाने का आरोप है।
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने दुकान के मालिक इमरान के लावारिस पशुओं की हत्या में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने कानून का उल्लंघन करने के मामले में इमरान का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पिछले वर्ष दिसंबर में कोटा के जेके लोन अस्पताल में सौ बच्चों की मौत से खासा बवाल मचा था और इसके चलते राजस्थान सरकार की काफी फजीहत हुई थी। विपक्ष ही नहीं बल्कि खुद राज्य सरकार के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की बात कही थी।
अपने ही गाँव की एक लड़की से प्रेम करना युवक को महँगा पड़ गया। दोनों के रिश्ते के बारे में मालूम पड़ते ही लड़की के अब्बा आशिक और उसके ममेरे भाई अशरफ ने मिलकर उसे पहले मौत के घाट उतारा और बाद में उसकी मौत को दुर्घटना में बदलने के लिए उसके शव को...