हमलावरों ने पहले बीजेपी नेता पर गोली चला दी। गोली बीजेपी नेता के पैरों में जा लगी। जिससे घायल होकर वह जमीन पर गिर गए। इसके बाद उन गुंडों ने धारदार चाकू से उनके दम तोड़ने तक ताबड़तोड़ वार किए।
CCTV फुटेज में देखा गया कि आरोपित महिलाओं के पहले करीब जाता है, उन्हें दबोचता है और फिर उन्हें किस करके वहाँ से भाग जाता है। हबिबूर की हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होने के बाद पुलिस ने ये एक्शन लिया।
देश में एक ऐसा प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान है, जहाँ वामपंथियों ने JNU से भी ज़्यादा तबाही मचा रखी है। निर्भया का बलात्कारियों के समर्थन से लेकर सेना को बलात्कारी और हिंसक बता तक, वहाँ के वामपंथी छात्र और प्रोफेसर घृणा की नई इबारत लिख रहे हैं। TISS में वामपंथियों की साज़िश का भंडाफोड़।
"1700 -1707 के बीच महाराष्ट्र में सर्वप्रमुख प्रेरक शक्ति कोई मंत्री न होकर महारानी ताराबाई ही थीं जिन्होंने अपनी कुशल प्रशासनिक दक्षता तथा मजबूत चारित्रिक क्षमता के बल पर उस कठिन समय पर राष्ट्र की रक्षा की।"
लम्बे समय से स्थगन का शिकार ज्ञानवापी मस्जिद मामला कोर्ट में कानूनी लड़ाई के लिए वापस आ गया है। वामपंथियों को सूजन होने के आसार क्योंकि दूसरे पक्ष की याचिका हुई खारिज।
"अब ये प्रोटेस्ट CAA-NRC के विरूद्ध नहीं है। ये एक मौका है BJP और RSS के नेताओं को ये दिखा देने का कि मुस्लिम कितना संगठित है। अब वो दिन दूर नहीं जब सब जगह हमारे लोग होंगे या हम जिसे चाहेंगे, जो हमारे लिए काम करेगा, उसी की सरकार बनेगी, हम सरकार बनाएँगे भी और गिराएँगे भी।"
मृतकों की पहचान कानपुर निवासी अतीक (50), पत्नी सायरा (40), बेटी आयशा (12), बेटा अफरोज (8), फैशल (18 माह) के रूप में हुई। इसके अलावा दो अन्य मृतकों की पहचान पहलवान और मामा के रूप में हुई।
पीड़िता दलित नाबालिग लड़की उन दरिंदों को "भैया आप मुझे जानते हो, अल्लाह के लिए छोड़ दो” कह-कहकर गिड़गिड़ा रही थी। मगर फिर भी दरिंदों को रहम नहीं आया। वह रोती, चीखती, चिल्लाती रही और आदिल, नजिक जैसे दरिंदे उसकी चीख को फिल्माते रहे।
जेन ने लिखा है कि पुलिस भी बच्चे को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने में नाकाम रही, जबकि यह उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था। पत्र के जरिए जेन ने पुलिस से बच्चे की मौत के कारणों की जाँच करने की माँग की है।