"परमहंस दास, जिनका मूल नाम उदय नारायण दास है, वे स्व-घोषित महंत और जगतगुरु थे और उन्होंने संत के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया। साथी संतों से परमहंस दास को अपने दायरे में शरण न देने का भी आग्रह करता हूँ।"
जेएनयू प्रशासन ने बताया कि अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल द्वारा नया अकादमिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन की वजह से यूनिवर्सिटी के कैलेंडर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और समय-सीमा में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
कृष्णा के हाथ में नहीं है गोदना। गोदना देखकर ही पत्नी ने की थी शव की पहचान। इस घटना का हवाला देकर मीडिया गिरोह ने मॉब लिंचिंग पर चिंता जताई थी। दावा किया था कि कारवाँ-ए-मोहब्बत ने पीड़ित परिवार के लिए फंड जुटाए थे।
बोर्ड ने मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन लेने से इनकार किया है। कहा है कि इस्लमिक व्यवस्था में एक बार जहाँ मस्जिद बन गई, वहाँ मस्जिद ही रहती है। साथ ही रामलला को 'ज्यूरिस्टिक पर्सन' मानने पर भी सवाल उठाए हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपित रफी का बाल यौन शोषण का इतिहास रहा है। चित्तौड़ के एसपी ने बता कि आरोपित रफी को लगभग 10 साल पहले बेसिनिकोंडा में उनके खिलाफ दर्ज एक बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
तेलंगाना के गृह मंत्री का कहना है कि महिलाओं पर लगाए गए आरोपों से हैदराबाद ही नहीं दिल्ली के लोग भी दुखी हैं। इसे देखते हुए मामले की जॉंच के आदेश दिए गए हैं। उनकी माने तो जिस फैसले से उलेमा सहमत हैं, उसका महिलाएँ विरोध ही नहीं कर सकतीं।
मौलाना अरशद मदनी ने बाबर को भी क्लीन चिट देते हुए कहा था कि बाबर ने जबरन मंदिर तोड़ कर मस्जिद नहीं बनाई। उन्होंने कहा कि मस्जिद तोड़ कर बनाए गए मंदिर में नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है। उन्होंने इस बात को भी नकार दिया कि जिस मस्जिद में नमाज नहीं होती है, वो मस्जिद नहीं है।
प्रशासन ने मंदिर को रिलोकेट करने की माँग को अस्वीकार कर दिया और मंदिर को गिरा डाला गया। अंत मे लोगों ने सरकार से कहा कि कम से कम मंदिर के अंदर की चीजों को कहीं और रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। लेकिन उनकी इस माँग पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया और...
इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें छात्र ‘आज़ादी’ का नारा लगाते हुए दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो जेएनयू कैंपस का है। हालाँकि ऑपइंडिया इस वीडियो के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
इस घटना से राज्य के दलित बेहद आक्रोशित हैं। राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिस से रिपोर्ट मॉंगी है। मृतक युवक की पत्नी ने बताया कि उसके पति के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था।