कट्टरपंथी इस्लामी संगठन PFI के लगभग 150 सदस्य चोरी-छिपे दिल्ली आते हैं - वो भी एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करते हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया दंगों से ठीक 2 दिन पहले। अगले 2 दिनों तक ये सभी जामिया इलाक़े में ही कहीं छिपे रहते हैं। दंगे वाले दिन ये बाहर निकलते हैं और...
दोनों ने एक नौसेना अधिकारी के दो बच्चों का अपहरण किया। मगर टुच्चे कार चोरों से अपहरण जैसा बड़ा अपराध संभला नहीं। बेटा छोटा था, पकड़े जाने के डर से संजय चोपड़ा नाम के इस बच्चे की नृशंस हत्या कर दी दोनों ने मिलकर। बड़ी बहन गीता को भी बलात्कार के बाद मार डाला। इन्हीं दोनों को अरुंधति 'हीरो' के तौर पर...
पुलिस ने वीडियो जारी करते हुए बताया कि उन्हें दिसंबर 19 से दिसंबर 21 के बीच हुई हिंसा में इस तरह के हमले झेलने पड़े और इसी कारण उन्हें दंगाईयों को पलटकर जवाब देना पड़ा।
"आप लोग अपना घर-परिवार छोड़कर दिन-रात हमारे लिए खड़े रहते हैं, तो आपके प्रति भी हमारा कुछ कर्तव्य बनता है।" - जब सुशील सिंह और उनके साथियों ने यह भावनात्मक संदेश सुना तो सब दौड़ कर गेट तक गए लेकिन वो शख्स "Thank You" सुनने के बजाय चुपचाप वहाँ से जा चुका था।
"पूरी हिंसा के लिए कट्टरपंथी समूहों और मुख्यधारा की राजनैतिक पार्टियाँ जिम्मेदार हैं। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) समेत समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भड़की हिंसा के लिए उत्तरदायी हैं।"
अब तक के आँकड़ों के अनुसार, कुल 5558 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके अलावा 925 लोगों को गिरफ़्तार भी किया है। अब तक 213 एफआईआर दर्ज किए गए हैं। अकेले कानपुर में 21,500 उपद्रवियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
भारत से व्यापार प्रतिबंध के चलते पाकिस्तान ने चाइना से माल लेने का फैसला किया। मगर, वहाँ के मार्कर्स की घटिया क्वालिटी देखते हुए उसे भारत की मदद लेनी पड़ी।
"हमने 28 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जिनकी भूमिका पुलिस ने जाँच के दौरान पाई। पुलिस ने उनके खिलाफ सबूत जमा किए। उन्हें एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। अगर वो ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।"
सेक्स रैकेट मामले में दायर हुई चार्जशीट में रेस्मी पर आरोप है कि वे नाबालिग लड़कियों को अमीर क्लाइंटों के साथ 'Paid sex' के लिए तैयार करती थी। जबकि उसका पति राहुल पशुपालन इस रैकेट के बारे में जानता था और साथ ही इस काम में उसका साथ भी देता था।
पीड़िता ने बताया कि 20 दिसंबर की रात वो कमरे में सोई हुई थी। तभी मदरसे का हाफिज वहाँ पहुँचा और बहला-फुसलाकर उसे अपने कमरे में ले गया। वहाँ कमरा बंद करके डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित मौलाना ने छात्रा को किसी से कहने पर जान से मारने की धमकी दी।