छात्रों की संख्या लगभग 8,000 है। कुल ख़र्च 556 करोड़ है। कैलकुलेट करने पर पता चलता है कि जेएनयू हर एक छात्र पर सालाना 6.95 लाख रुपए ख़र्च करता है। क्या इसके कुछ सार्थक परिणाम निकल कर आते हैं? ये जानने के लिए रिसर्च और प्लेसमेंट के आँकड़ों पर गौर कीजिए।
विश्वविद्यालय के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर ने कहा है कि यह कोरी अफवाह है। उन्होंने आगे बताया कि कोर्स में किसी भी तरह का बदलाव एकेडमिक काउंसिल करती है, और ऐसा अभी कुछ नहीं हुआ है। उनके अनुसार यह सब विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश है।
शिक्षकों के प्रति मध्य-प्रदेश सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ लम्बे समय से वहाँ के शिक्षक अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। 5 सितम्बर को भी कई शिक्षक अपना विरोध जताने के लिए भोपाल में इकठ्ठा हुए थे।
पहले मुस्लिम पक्षकारों को मस्जिद के लिए 5 एकड़ राम जन्मभूमि के 67 एकड़ जमीन के भीतर चाहिए था, मगर अब उनकी ये माँग हिंदुओं को वैकल्पिक 5 एकड़ जमीन देने पर स्थानांतरित हो गई है।
वीर सावरकर की फोटो को दीवार से उखाड़ कर पहली बेंच पर पटक दिया गया था। फोटो पर स्याही लगी हुई थी। इसके बाद छात्र आक्रोशित हो उठे और धरने पर बैठ गए। छात्रों के आक्रोश को देख कर एचओडी वहाँ पर पहुँचे। उन्होंने तीन सदस्यीय कमिटी गठित कर जाँच का आश्वासन दिया।
घटना के अगले ही दिन पीड़िता अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुँची थी मगर पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। 12 दिन बीत जाने पर पीड़िता ने एक बार फिर से पुलिस से गुहार लगाई तब जाकर कहीं पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज की।
"मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लोग देश में उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे उन मुस्लिम भाइयों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शांति और भाईचारे का परिचय दिया है।"
सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वह अपने पुराने स्टैंड पर अब भी कायम है। एआईएमपीएलबी ने भी पहले कहा था कि उसे सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंजूर होगा। मस्जिद के लिए जमीन लेने के संबंध में बोर्ड 26 नवंबर को फैसला करेगा।
इब्राहिम पहले शादीशुदा था। अंजलि से प्रेम के दौरान उसने अपनी पत्नी को तलाक दिया। फिर हिंदू धर्म अपना कर अपना नाम आर्यन रख लिया। फिर आर्य समाज मंदिर में जाकर अंजलि से विवाह किया। लेकिन लड़की के घर वालों ने लव जिहाद का आरोप लगाया और...