पुलिस ने बताया कि आरोपितों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 366 (ए) के तहत 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।
इस वीडियो को पुरी के एसपी ने ख़ुद ट्विटर पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “1200 वॉलिंटियर्स, 10 संगठनों और घंटों की मेहनत के बाद रथयात्रा 2019 के दौरान ऐम्बुलेंस की सरल संचालन के लिए ह्युमन कॉरिडोर बनाना संभव हो पाया।”
कैलाश के बारे में स्थानीय एनसीपी नेताओं ने यह भी कहा कि उसने मार्च में पार्टी के लिए समय न निकाल पाने की बात कहते हुए इस्तीफा दे दिया था। वह पार्टी की स्थापना के समय से ही इसका सदस्य था। ईनामी नक्सलियों किरण कुमार और नर्मदक्का की गिरफ़्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर कैलाश को गिरफ़्तार किया गया।
आरोपित युसूफ एटीएम से रुपए उड़ाने वाले गिरोह का सदस्य निकला। वह भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था। दरोगा जितेंद्र की इलाक़े में तारीफ हो रही है क्योंकि कार के मिट्टी के टीले में जा घुसने के बाद वह दूर जा गिरे थे लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बदमाश को पकड़ने में कामयाबी पाई।
डिप्टी कमिश्नर (रेलवे) डीके गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए यह बताया कि जहाँ एज़ाज़ कश्मीर के पुलवामा से ताल्लुक रखता है, वहीं सद्दाम हुसैन केंद्रीय दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके का रहने वाला है। पकड़े जाने के बाद एज़ाज़ ने बताया कि उसने चुराए हुए लैपटॉप को सद्दाम को बेच दिया था।
पुरुष, किन्नर, बच्चे-बच्चियाँ व महिलाएँ- सिकंदर खान के लिए यह सब सिर्फ एक शरीर थे। वो अब तक 25 बच्चे-बच्चियों के साथ-साथ 40 पुरुषों व किन्नरों को भी अपना शिकार बना चुका है। जब वह जेल में था, तो वहाँ भी उसने अन्य क़ैदियों को अपना शिकार बनाया था।
दिल्ली के चांदनी चौक में मंदिर तोड़-फोड़ अपने-आप में अनोखी घटना हुई हो, ऐसा नहीं है। मंदिरों को तोड़ने, उत्पात मचाने और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने की घटनाएँ हर सप्ताह घटित होती हैं। हालाँकि वामी मीडिया इसे अपने प्रोपेगेंडा के कारण दबा देती है। इसलिए जून 2019 से लेकर अब तक की 10 ऐसी घटनाएँ आपके लिए...
वसीम ने कहा, " इस मंदिर को जड़ से उखाड़ दो, जब मंदिर ही नहीं बचेगा तो विवाद खत्म हो जाएगा।" उस पर यह भी आरोप है कि उसने वहाँ बचे-खुचे एक-दो घरों में बसे हिंदुओं को भी भगा देने और घर पर कब्जा कर लेने की भी ललकार लगाई।
मकान मालिक सुल्तान, उसकी पत्नी मदीना और उनके बेटे सलमान ने गुलिस्तां के साथ मारपीट भी की। घर से न निकलने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वजह सिर्फ इतनी कि गुलिस्तां ने अपनी मर्जी से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, जिसकी फोटो अखबार में प्रकाशित हुई।
दंगाई भीड़ ने हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं और आम लोगों की पिटाई कर दी। यहाँ तक कि बच्चों को भी नहीं बख़्शा गया। हिन्दू समुदाय के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।