वामपंथी प्रोपेगैंडा मशीन के रूप में कुख्यात वेबसाइट 'द वायर हिंदी' ने हिड़मा की मौत पर आर्टिकल पब्लिश किया, जिसकी हेडलाइन थी- "मोस्ट वांटेड या आदिवासी नायक?"
पत्रकार वीर सांघवी ने 'द प्रिंट' में छपे अपने लेख में तर्क दिया है कि 'गोडसे की महिमा गाने की कोशिशें इसलिए बढ़ गई हैं क्योंकि देश में हिंदुत्व का असर बढ़ा है'।
'आई लव मोहम्मद' को देशभर में मजहबी उन्मादियों ने जंग का नारा बना दिया है। भीड़ इसे पत्थरबाजी, आगजनी, तोड़फोड़ के लिए इस्तेमाल कर रही है लेकिन आरफा खानम इस पर खामोश हैं।
अपूर्वानंद ने 'द वायर' में लेख लिखकर यह साबित करने की कोशिश की है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की वकालत करने वाली सैयदा असल में मासूम हैं, जिस लोग नहीं समझ रहे हैं।
कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी इन दिनों कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर लगातार हंगामा खड़ा कर रहे हैं। उनके इन आरोपों पर अब विपक्ष से ज्यादा विदेशी मीडिया सुर में सुर मिला रही है।