जहाँ हर बार की तरह बजट से पहले निर्मला सीतारमण की साड़ी लोगों तक पहुँच जाती है, और उस साड़ी के जरिए बुनकरों की मेहनत पहुँच जाती है। लेकिन रवीश कुमार इसे पचा नहीं पा रहे हैं।
RJ सायमा ने अपराधी का मुस्लिम नाम छिपाकर 'CRPF' पर फोकस किया। यह वही सायमा है, जिसको दिल्ली ब्लास्ट के फिदायीन उमर नबी का वीडियो प्रसारित होना नामंजूर था।
आरफा खानुम शेरवानी ने नमाज को दुनिया की सबसे 'खामोश इबादत' बताया है। अगर ऐसा है तो जुमे की नमाज के बाद दंगा कौन भड़का रहा? क्या ये सब उसी 'खामोश इबादत' का हिस्सा है?
काम नहीं मिलता तो स्वरा भास्कर की तरह ही एआर रहमान ने भी विक्टिम कार्ड खेलना सीख लिया है। वे भी 'पावर शिफ्ट' और इंडस्ट्री को 'कम्युनल' बताकर चर्चा में आना चाहते हैं।