आरफा खानुम शेरवानी ने नमाज को दुनिया की सबसे 'खामोश इबादत' बताया है। अगर ऐसा है तो जुमे की नमाज के बाद दंगा कौन भड़का रहा? क्या ये सब उसी 'खामोश इबादत' का हिस्सा है?
काम नहीं मिलता तो स्वरा भास्कर की तरह ही एआर रहमान ने भी विक्टिम कार्ड खेलना सीख लिया है। वे भी 'पावर शिफ्ट' और इंडस्ट्री को 'कम्युनल' बताकर चर्चा में आना चाहते हैं।
'द वायर' की 'पत्रकार' आरफा खानम शेरवानी से दिल्ली आतंकी हमले को लेकर पूछे गए सवाल को उन्होंने 'मजेदार' बताकर टाल दिया। इससे लेफ्ट-लिबरल की मानसिकता उजागर हो गई।
रवीश कुमार ने नई वीडियो में बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के समय हुई हिंसा में हिंदुओं पर हुए अत्याचार को झुठलाया है और मीडिया पर अनाप-शनाप खबरें चलाने का आरोप लगाया है।
बंगाल में चिकन पैटीज बेचने वाले रियाजुल के लिए वामपंथी आवाज उठा रहे हैं लेकिन उनके लिए संदेशखाली के गवाह भोला घोष की आपबीती चर्चा करने का विषय नहीं है।
आरफा को कभी भी हलाला, तीन तलाक जैसे मुद्दे विरोध के लायक नहीं लगे, उन्हें दिक्कत हुई तो राम मंदिर से, वहाँ फहराते केसरिया झंडे से और भगवा कपड़ों में वहाँ पहुँचे भक्तों से।