मीडिया हलचल

पीरागढ़ी कार हत्याकांड में मुस्लिम आलिम करीमुद्दीन को मीडिया बता रहा ‘बाबा-तांत्रिक’, ये हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश: समझिए- कैसे खेला जा रहा...

अपराध से बड़ा खतरा भाषा का गलत उपयोग है। मीडिया की गलत रिपोर्टिंग समाज में भेदभाव और गलत सोच को जन्म दे सकती है।

RSS शताब्दी समारोह से आरफा-सुप्रिया को आई मिचली, क्या ‘बॉलीवुड इकोसिस्टम’ ढहने से घबराया इस्लामी-लिबरल गैंग?

एक तरफ बॉलीवुड की बड़ी हस्तियाँ RSS के 100 वर्ष पूरे होने, उनके कार्यों को लेकर तारीफ कर रहा है, दूसरी तरफ आरफा-सुप्रिया को मिर्ची लग रही है।

निर्मला सीतारमण की साड़ी देख कूथने लगे रवीश कुमार, खुद तेजस्वी यादव की टीशर्ट से लेकर राहुल गाँधी की बुलेट सवारी तक बन चुके...

जहाँ हर बार की तरह बजट से पहले निर्मला सीतारमण की साड़ी लोगों तक पहुँच जाती है, और उस साड़ी के जरिए बुनकरों की मेहनत पहुँच जाती है। लेकिन रवीश कुमार इसे पचा नहीं पा रहे हैं।

‘मियाँ’ का मतलब ‘अवैध बांग्लादेशी’… मुस्लिम विरोधी एजेंडा बताकर ‘द वायर’ का हिमंता के खिलाफ प्रोपेगेंडा, क्यों वामपंथियों की आँखों में खटकते हैं असम...

'द वायर' ने अपने लेख में हिमंता के 'मियाँ' शब्द को सिर्फ मुसलमान से जोड़कर एक आर्टिक्ल छापा, जिसका जवाब CM हिमंता ने SC का हवाला देकर दिया।

सायमा के लिए ‘CRPF’ लिखकर मुस्लिम नाम छिपाना सही, पर आतंकी का वीडियो सामने आना ‘निंदनीय’: एजेंडाधारी वामी-कामी ‘गैंग’ की मानसिकता समझिए

RJ सायमा ने अपराधी का मुस्लिम नाम छिपाकर 'CRPF' पर फोकस किया। यह वही सायमा है, जिसको दिल्ली ब्लास्ट के फिदायीन उमर नबी का वीडियो प्रसारित होना नामंजूर था।

नमाज खामोश इबादत है- आरफा तुमने ठीक कहा, क्योंकि इसके बाद शोर तो पत्थरबाजी का होता है: यकीन न हो तो जुमे पर अपने...

आरफा खानुम शेरवानी ने नमाज को दुनिया की सबसे 'खामोश इबादत' बताया है। अगर ऐसा है तो जुमे की नमाज के बाद दंगा कौन भड़का रहा? क्या ये सब उसी 'खामोश इबादत' का हिस्सा है?

नई ‘स्वरा भास्कर’ मत बनो AR रहमान, विवादों में खुद घुसो फिर बोलो- नहीं मिल रहा काम: तुम्हारे घर में तिलक लगाकर एंट्री बैन...

काम नहीं मिलता तो स्वरा भास्कर की तरह ही एआर रहमान ने भी विक्टिम कार्ड खेलना सीख लिया है। वे भी 'पावर शिफ्ट' और इंडस्ट्री को 'कम्युनल' बताकर चर्चा में आना चाहते हैं।

सिलेक्टिव है RJ सायमा का नारीवाद… हिजाब पर करनी थी बात, करने लगी मजहब का बचाव: पढ़िए 7 घटनाएँ और सोचिए क्या सच में...

RJ सायमा हिजाब-बुर्का पर इस्लाम की मर्जी का तर्क देती हैं, लेकिन भारत-विदेशों में महिलाओं पर दबाव और हिंसा की सच्चाई पर मौन धारण कर लेती हैं।

‘बॉनफायर’ हो जाता है हजम, लोहड़ी की अलाव में दिखता है ‘प्रदूषण’: हिंदू त्योहारों पर ही क्यों मीडिया देता है ज्ञान, विदेशी तौर-तरीके बताए...

मीडिया में लोहड़ी की हेडलाइंस 'धुआँ और पर्यावरण नुकसान' होती है। वहीं, दूसरी तरफ 'बॉनफायर' की हेडलाइंस 'ठंड में पार्टी का मजा लें' होती हैं।

महबूबा मुफ्ती से आरफा तक चाहती हैं कि हम न जानें इस्लामी लुटेरों-आक्रांताओं का सच, क्योंकि नफरत फैलेगी: अजीत डोभाल से यूँ ही नहीं...

डोभाल के बयान से साफ है कि वो कहीं भी 'बदले' शब्द को हिंसा से जोड़कर नहीं बोल रहे थे बल्कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण की बात कर रहे हैं।

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