विचार

भारत की भाषा संबंधी बहस में हिंदी की भूमिका: मातृभाषा के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर अमित शाह तक का योगदान

हिंदी सभी भारतीय भाषाओं में सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है। यह एक एकीकृत भाषा के रूप में कार्य कर सकती है और गैर-देसी ज़बानों की भूमिका को बदल सकती है।

जन्मभूमि पर चाहिए थी यूनिवर्सिटी, भूमि घोटाले का ‘मनगढंत आरोप: अब वोट के लिए ‘राम भक्त’ बनें सिसोदिया-संजय, पहुँचे अयोध्या

अब आम आदमी पार्टी के नेताओं के लिए उत्तर प्रदेश में एंट्री मन ही मन "प्रविसि नगर कीजे सब काजा, हृदय राखि कोसलपुर राजा" के गायन से शुरू होती है।

मुस्लिम ही राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष क्यों? मोदी सरकार ने तोड़ी कॉन्ग्रेसियों की ‘परंपरा’, वाजपेयी ने भी किया था

इक़बाल सिंह लालपुरा की आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति सरकार की नीयत और संविधान के प्रति उसकी आस्था, दोनों को दर्शाता है।

हिंदू वोट चाहिए, हिंदू भीड़ चाहिए लेकिन… देवी-देवता नहीं: कॉन्ग्रेसी राहुल गाँधी का यह राजनीतिक दर्शन या रणनीति?

हिंदू वोट लेने के लिए कॉन्ग्रेस असम में अपने मित्र बदरुद्दीन अज़मल से किनारा कर चुकी है पर उसके नेता हिंदुओं के साथ अपने संवाद में...

सभी धर्मों, उत्पीड़ितों और शरणार्थियों वाला स्वामी विवेकानंद का संदेश… अफगानिस्तान और US दोनों पर लागू

आज हमें विवेकानंद के 128 वर्ष पूर्व दिए उस संदेश को याद करने की आवश्यकता है, जो संसार को सहिष्णुता तथा सार्वभौम स्वीकृति की शिक्षा देता है।

झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए कमरे का आवंटन सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के नए अध्याय की शुरुआत, भविष्य और भी खतरनाक

प्रश्न यह है कि बार-बार ऐसा करने से जिस बात या माँग के सामान्यीकरण किए जाने का खतरा लगातार बढ़ेगा उसके हल का रास्ता कहाँ से होकर जाता है?

मीया खलीफा, बक्कल और अल्ला हु अकबर से फायदा नहीं… किसानों के लाभ के लिए MSP से लेकर APMC तक कीजिए बात

नए कृषि कानून कृषि सुधारों की आवश्यकता को लेकर सरकार की मंशा दर्शाते हैं। स्वघोषित किसान नेताओं और उनके आंदोलन को...

नसीरुद्दीन शाह के ‘बचाव’ में पाँच बकवास बातों के सहारे कूदीं तवलीन सिंह, खुद ही घिरीं: जानिए क्या हुआ

तवलीन के दावों के विपरीत, 'लिबरल' और खुद को ‘मोडरेट’ बताने वाले भारतीय मुस्लिम नसीरुद्दीन शाह द्वारा तालिबान का पक्ष लेने के खिलाफ सलाह देने से काफी नाखुश थे।

कभी मंदिर-कभी अजमल, कभी उलेमा-कभी गंगा स्नान: कॉन्ग्रेस के इस रोलिंग प्लान से ‘हाथ’ का नहीं भला

मुस्लिम वोट का पुराना मोह। हिंदू वोट की नई चाहत। कॉन्ग्रेस के इस रोलिंग प्लान के अनुकूल राजनीतिक परिणाम की उम्मीद नहीं।

आतंकवाद के खिलाफ कोर्स: JNU को अपनी बपौती समझने वाले वामपंथियों को शिकंजा ढीला होने का डर

आज का वैश्विक परिवेश ऐसा है जिसमें लाखों शरणार्थियों को अपनी बाँहें खोलकर स्वीकार करने वाला यूरोप भी परेशान है और तालिबानियों को एक समय वंडरफुल पीपुल बताने वाला अमेरिका भी।

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