इन 600 खलिहर लोगों ने जो बात अपने पत्र में लिखी है वो है ‘हिंदुत्व के गुंडों’ का वर्णन! गुमनामी में जी रहे इन 600 लोगों ने भी सस्ती लोकप्रियता के लिए वही विधि अपनाई है, जो पुलवामा आतंकी हमले में समुदाय विशेष के उस भटके हुए फिदायीन ने अपनाई थी, यानि हिंदुत्व पर हमला!
राहुल गाँधी बोफ़ोर्स तोप घोटाले के बारे में क्या कहेंगे जिसके तार सोनिया गाँधी और उनके बहनोई तक से जा जुड़े? अब यह बात अलग है कि बात चाहे राहुल की माँ सोनिया गाँधी के बहनोई की हो या उनके ख़ुद के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा की हो, घोटालों के बेताज़ बादशाह तो दोनों ही हैं।
न्याय योजना को बजट में जगह देने के लिए आमदनी चाहिए, आमदनी बढ़ाने के लिए टैक्स बढ़ाना होगा, चाहे लोगों पर हो, या वस्तुओं पर। दोनों ही स्थिति में भार वापस आम आदमी पर ही पड़ेगा। राहुल गाँधी को लगता है कि इतने बैंक हैं, वहाँ से पैसे ले लेंगे। राहुल गाँधी ऐसा सोच सकते हैं, क्योंकि वो राहुल गाँधी हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट का 70% हिस्सा ख़र्च करने की बात कहने वाली कॉन्ग्रेस बाकियों को बचे-खुचे 30% में निबटा देगी। किसान, महिलाएँ व ग़रीब किसी भी योजना का लाभ नहीं उठा पाएँगे। सब्सिडी ख़त्म कर दी जाएगी, पेंशन रोक दी जाएगी।
भारत ने अफ्स्पा के अंतर्गत सेना को जो विशेषाधिकार दिए हैं वह उन क्षेत्रों में दिए हैं जहाँ वास्तविक शत्रु अपने देश का नागरिक नहीं बल्कि दूसरे देश का मज़हबी घुसपैठिया है।
रीता बहुगुणा जोशी संयुक्त राष्ट्र से पुरस्कृत मेयर रह चुकी हैं। उनकी उम्मीदवारी का ऐलान मात्र से प्रयागराज में कॉन्ग्रेस बिखर गई है। पार्टी में घबराहट का माहौल है और प्रियंका गाँधी को उनके ख़िलाफ़ उतरने को कहा जा रहा है। क्या अपने पिता की सीट पर जीतेंगी रीता?
ज़मीनी स्थिति को ये समझेंगे भी तो कैसे, ये एलीट ख़ानदानों के चिराग़, जिनके गुणसूत्रों में 22 जोड़े तो X और Y हैं, लेकिन तेइसवाँ जोड़ा P और M वाला है, ज़मीन पर उतरे कब कि पता चले हर खेत में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट ही लगा दोगे तो खेती कहाँ होगी!
मलाला से महिलाओं के अधिकार पर आवाज उठाने की माँग करने वाली लड़कियों के ट्विटर एकाउंट्स में अपने जननांगों की तस्वीरें भेजने वाले ये लोग पाकिस्तान और कश्मीर के युवा थे। भारतीय मीडिया गिरोह इन्हें भटके हुए युवाओं के नाम से जानता है, जो या तो किसी हेडमास्टर के बेटे निकल जाते हैं या फिर भारतीय सेना द्वारा सताए गए मजबूर युवा।