मोदी सरकार द्वारा महिला सामर्थ्य पर दिखाया गया अटल विश्वास उस समय दिखा जब देश के 66 वें गणतंत्र दिवस के मौक़े पर तीनों सेनाओं के एक विशेष महिला दस्ते ने मार्च करते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया।
हार के बाद इंदिरा गाँधी ने दक्षिण भारत का रुख किया। अपना पहला चुनाव लड़ रही सोनिया के लिए दक्षिण में 'सेफ सीट' खोजी गई। अब हार से डरे राहुल भी दक्षिण भारत भाग खड़े हुए हैं। चिकमंगलूर, बेल्लारी और अब वायनाड- क्या है इनमें समान?
अपने हाथों से बूढ़ी महिला को खिलाना, साधु-संतों को दण्डवत प्रणाम, मंदिरों में दर्शन, ग़रीबों संग भोजन, बीजद-कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेताओं का सम्मान- संबित पात्रा ने पुरी में भाजपा के लिए बिगुल बजा दिया है। उनके अभी तक के पूरे चुनावी अभियान का विश्लेषण।
कहानी 1992 नई दिल्ली उपचुनाव की, जिसके बाद 'हारे' हुए शत्रुघ्न सिन्हा को भाजपा ने वो सब कुछ दिया, जो उन्हें किसी और पार्टी में जीतने के बाद भी नहीं नसीब होता। और कहानी अब की, जब वो भीड़ भी नहीं जुटा पाते। भाजपा ने उन्हें सही तरीके से हैंडल किया।
लालू यादव के समय उनके आस-पास रघुनाथ झा, रघुवंश प्रसाद, अखिलेश सिंह और सीताराम सिंह जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता संकटमोचक के रूप में हुआ करते थे जो पार्टी में किसी भी तरह की स्थिति को संभालने की ताक़त रखते थे। आज पार्टी को इनकी कमी खल रही है।
सरकार को जहाँ लोगों को जिम्मेदार बनाने की कोशिश करनी चाहिए, उन्हें मेहनत करके अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए, वहाँ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष लोगों में मुफ्तखोरी का बीज बो रहे हैं।
जिस तरह की पार्टी है, और जैसे चाटुकार लोग हैं, वो लोगों की गालियों वाले ट्वीट को भी 'चर्चा में तो हैं हमलोग' मानकर निकल ले रहे हैं। मालिक तो पहले ही मूर्ख है, वो तो पेपर देखकर पढ़ नहीं पाता, उसको कुछ भी कह दो, क्या फ़र्क़ पड़ता है!
मोदी विरोध के लिए देश की उपलब्धियों को झुठलाने वाली कॉन्ग्रेस व विपक्षी दल फिर कटघरे में हैं। आज नहीं कल, लोग उनसे हिसाब माँगेंगे और पूछेंगे कि देश को मजबूत बनाने वालों की संदिग्ध मौत और भारत को असुरक्षित बनाने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी के इतिहास में इतने ब्लैक होल क्यों हैं?
प्रियंका जी को बताया गया है कि आप इंसान नहीं बल्कि लगभग अवतार हैं, कि लोग आपको सुनने नहीं बल्कि वे आपके कपड़े, नाक देखने आते हैं, वे यह भी देखने आते हैं कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में आपकी त्वचा में प्रचूर मॉइस्चराइजेशन आखिर कैसे बना रहता है।