विचार

जब तक शेर अपनी कहानी खुद नहीं कहता शिकारी महान बना रहेगा

हज़ार वर्षों से हमलों के सामने प्रतिरोध की क्षमता ना छोड़ने वाले हिन्दुओं की कहानी लिखने वालों को पब्लिक कब ढूँढेगी?

चिदंबरम इंटरव्यू ‘कांड’: बेइज्जती सहेंगे लेकिन पैरवी उन्हीं की करेंगे

ज्योति मल्होत्रा को पी चिदंबरम ने जैसे धमकी दी, ऐसा अगर भाजपा के किसी मंत्री ने किया होता तो 'लोकतंत्र खतरे में' और 'मीडिया पर अंकुश' या 'सुपर-इमर्जेंसी' जैसा कुछ भयंकर ट्रेंड कर गया होता ट्विटर पर।

जम्मू-कश्मीर में लद्दाख को अलग डिवीज़न बनाने के क्या मायने हैं

राज्यपाल की मुहर के बाद अब लद्दाख डिविज़न का प्रशासनिक और रेवेन्यू मुख्यालय लेह में होगा जिसके बनने की तैयारी शुरू कर दी गई हैं। अब लेह में एक अलग डिविज़नल कमिश्नर और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस का पद और कार्यालय होंगे।

भारत में हिन्दू अल्पसंख्यकों को कब मिलेगा उनका हक़? माइनॉरिटीज़ कमीशन का फ़ैसला होगा हिंदुओं के पक्ष में!

लक्षद्वीप में 96%, जम्मू एवं कश्मीर में 68%, असम में 34% और पश्चिम बंगाल में 27% लोग मुस्लिम हैं, लेकिन वो अल्पसंख्यक हैं। पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की जनसंख्या उतनी ही है, जितनी यमन और उज़्बेकिस्तान में।

अनशन, आंदोलन, सत्याग्रह के ख़िलाफ़ गाँधी जी का मौन व्रत!

गर आज गाँधी जी ज़िन्दा होते तो एक अनशन और करते... कि देश में कोई और अनशन न करे।

Hello… चंद्रबाबू नायडू, मोदी की बजाय स्वयं से पूछें- Who Are You?

अगर बीवी-बच्चों का नाम लेकर ही किसी की पहचान साबित होती है तो 10 बच्चे और 5 बीवियों वाले पकिस्तान के मौलवी साहब भी नायडू से पूछ सकते हैं- 'Who Are You?

प्रियंका गाँधी रोड-शो के राजनीतिक मायने: राहुल के लिए ख़तरा, सिंधिया बनेंगे बलि का बकरा

कार्यकर्ताओं ने प्रियंका के जयकारे लगाने से लेकर उन्हें 'बदलाव की आँधी' तक करार दिया लेकिन राहुल गाँधी को लेकर ऐसे कोई ख़ास नारे नहीं लगे। पोस्टरों में भी प्रियंका गाँधी को राहुल से ज्यादा तवज्जोह दी गई।

प्रिय मृणाल पांडे, आपकी बातें सड़क पर नाइदो तनियम जैसी हत्या करा सकती हैं! सँभालिए खुद को

कोई व्यक्ति अपने पद का इस्तेमाल लोगों को जोड़ने में कर रहा है, और आपके पास उसकी नीतियों को लेकर, उसके कार्य को लेकर कुछ कहने को नहीं है, तो आप उसकी उस कोशिश का उपहास करते हैं जहाँ वो किसी जनजाति की परम्परा का सम्मान कर रहा होता है!

प्रियंका गाँधी के आने से सोनिया को हुआ ‘जबरदस्त’ घाटा: पोस्टर-गणित से समझें राजनीति का खेल

कॉन्ग्रेस पोस्टर से सोनिया की तस्वीर का अचानक छोटा और फिर गुम हो जाना एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है। संकेत यह कि सोनिया का राजनीतिक कद पार्टी में और आम लोगों के बीच कम होता जा रहा है।

कॉन्ग्रेस में ‘G’ प्रथा को तोड़िए चिदंबरम जी, सबरीमाला-राम मंदिर आपसे न हो पाएगा

प्रथा वो है, जिसमें कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा लीन है। ‘परिवारवाद’ है प्रथा चिदंबरम जी... और अगर ये प्रथा नहीं है तो ‘राहुल गाँधी’ ही क्यों कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं... आप बन जाइए!

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