अतीत में शिवसेना की बात को गंभीरता से न लेने का दावा करने वाले कुछ तथाकथित पत्रकारों व विश्लेषकों ने सामना में छपने वाले लेखों का शब्दशः भावार्थ कर इसे भगवद् गीता की तरह बाँचना शुरू कर दिया था।
आज देश में उन लोगों के लिए सख्ती न करने की बात की जा रही है जो देश की भावनाओं को न केवल आहत कर रहे हैं बल्कि देश के ख़िलाफ़ खड़े होकर देशद्रोही होने का सबूत भी दे रहे हैं।
किसी घटिया-कुंठित शख्स ने आपको अपने लिंग की तस्वीर भेजी। यह उसकी अति-बेहयायी का प्रमाण है। लेकिन वो राष्ट्रवादी है, इसका प्रमाण-पत्र आपने कैसे जारी कर दिया ?
कमल हासन को पिनाराई विजयन के बदले किसी अच्छे इतिहासकार से ट्यूशन लेने की ज़रूरत है। कश्मीर में जिस जनमत-संग्रह की वह बात कर रहे हैं, उसे कभी पाकिस्तान ने ही अस्वीकार कर दिया था।
जब तक इन्हें छीलेंगे नहीं, ये अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आएँगे। इसलिए, इनके ट्वीट तो छोड़िए, एपिडर्मिस, इन्डोडर्मिस से लेकर डीएनए तक खँगालते रहिए क्योंकि बाय गॉड, ये लोग बहुत ही बेहूदे क़िस्म के हैं।
कई वामपंथी अजेंडाबाज़ और पत्रकारों का समुदाय विशेष पुलवामा आतंकी हमले के बाद नए नैरेटिव लाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहा है जहाँ ऐसा लगे कि ये लड़ाई कश्मीरी बनाम भारतीय है।
आतंकी संगठनों का गढ़ होने के बावजूद पाकिस्तान इस बात को नकारता आया है। बारूद पर बैठे पाकिस्तान की हक़ीकत को दुनिया अच्छी तरह से जानती है और इसीलिए विश्वभर के देशों ने भारत का साथ देने पर अपनी सहमति जताई है।
इस समय कश्मीर से बाहर रह रहे छात्र और आम लोग ट्विटर हैंडल @CRPFmadadgaar पर संपर्क कर सकते हैं। बस इतना याद रखें कि ये वही CRPF है, जिसके जवानों पर कश्मीर में आए दिन पत्थरबाजी होती है।
नेशनल हेराल्ड कॉन्ग्रेस की वेबसाइट है। यह वही नेशनल हेराल्ड है, जिसके घोटाले की आँच 'युवा' नेता और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल से लेकर उनकी माता सोनिया तक कब का पहुँच गई है।