विचार

69.15 रुपए में 1 किलो गेहूँ… राहुल गाँधी की गारंटी: अमीर हो या गरीब, मार्केट में इसी रेट से खरीदना होगा – समझिए MSP...

किसान आंदोलन की आड़ में राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। राहुल गाँधी उस आयोग की सिफारिशों को लागू करने की गारंटी दे रहे हैं, जिसे सरकार में रहते हुए कॉन्ग्रेस नकार चुकी है।

चोला किसानों का पर नारे खालिस्तान के, तस्वीर भिंडरावाले की और धमकी PM कोः खेत-खलिहान का भला नहीं, राजनीति का नया मोर्चा है ‘दिल्ली...

एक तरफ जहाँ कथित किसानों ने प्रदर्शन को लेकर पूरी तैयार की हुई है तो वहीं दूसरी ओर पॉलिटिकल पार्टियाँ इस मौके का लाभ उठाने से पीछे नहीं हट रही।

मी लॉर्ड! ये अच्छा है कि आप देख लेंगे, पर समय से देख लेने से आम आदमी को मिल सकती है राहत

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आम लोगों को हो रही समस्याओं से निजात दिलाने की अपील की है।

मुस्लिम औरतों के लिए 3 महीने का ‘इद्दत’, सागरिका जी ने 3 साल का रखा, इसलिए TMC से जायज माना जाए राजदीप सरदेसाई की...

कभी राज्यसभा की सीट कबूल नहीं करने की मुनादी करने वाली सागरिका घोष ने अब बताया है कि क्यों टीएमसी का ऑफर कबूल करना उनके लिए जायज है।

हल्द्वानी जल गया, पर रवीश कुमार की नहीं बुझी है प्यास: चाहते हैं अब मौके पर पहुँचकर आग भड़काए विपक्ष, दंगाइयों की बने ढाल

रवीश कुमार विपक्ष को सलाह दे रहे हैं कि वो वहाँ जाकर आग को और भड़काए। क्या इतना खून काफी नहीं है? न्यायालय भी अब सांप्रदायिक हो गया?

पूनम पांडेय के सस्ते पब्लिसिटी स्टंट पर होगी कार्रवाई? अगर किसी पुरुष ने ऐसा किया होता तब?

पूनम पांडेय की इस हरकत पर लोग निंदा तो कर रहे हैं, मगर यह तब तक अधूरा है जब तक इस प्रकार के पब्लिसिटी स्टंट को लेकर कोई कानूनी कदम नहीं उठाया जाता।

नीतीश ‘सबके क्यों हैं?’ – ‘पलटूराम’ की वर्तमान छवि में नहीं, इतिहास में है ‘सुशासन बाबू’ को लेकर इस सवाल का जवाब, जो दूध...

नीतीश सबके क्यों हैं? किसी को उनसे या उनको किसी से परहेज क्यों नहीं? इसका जवाब उनकी वर्तमान छवि में नहीं, बल्कि इतिहास में ढूँढ़ा जा सकता है।

‘परिवार-तोड़ू फेमिनिस्ट और न्याय-विरोधी वामपंथी’ को भगवान राम से नफरत क्यों? क्योंकि ‘शबरी के बेर, ताड़का को ढेर, सौतेली माँ का मान’ टाइप आदर्श...

प्रभु श्रीराम मर्यादा निर्धारित करते हैं कि अपराध लिंग निरपेक्ष होता है तो दंड भी लिंग निरपेक्ष ही हो। तभी फेमिनिस्ट भगवान से घृणा करती हैं।

डियर आरफा, एक बार तेल लगाकर डाबर का DNA निकाल लो बाबर का, फिर सीने में नहीं चुभेगा भगवा

आरफा, जब तक आप खुद को बाबर से जोड़कर देखेंगी तब तक आपको भगवा चुभेगा ही चुभेगा। आप नहीं समझ पाएँगी कि इस धरती पर राम मंदिर का महत्व क्या है।

निर्धन-वंचित वर्ग का आर्थिक समावेशन, स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, महिला सशक्तिकरण… रामराज्य का समसामयिक संस्करण है PM मोदी का ‘नव-कल्याणवाद’

PM मोदी का शासन-सूत्र रामराज्य का समसामयिक संस्करण है। उनके शासन का ध्येय-मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास' है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें