विचार

चद्दर में चुम्मा-चाटी से कैमरे पर लिपलाॅक तक पहुँच गया बिग बॉस: मनोरंजन के नाम पर भोंडापन, संस्कृति पर सुनियोजित हमला

एक ऐसी भी क्लिप सामने आई है कि जिसमें जैद हदीद आकांक्षा को जबरदस्ती पकड़कर खींच रहे हैं। इस पर आकांक्षा थोड़ा उनसे दूर होकर कहती भी हैं कि उन्हें ये सब नहीं पसंद इसलिए ऐसे न छुआ जाए। लेकिन जैद हदीद पर खासा फर्क नहीं दिखता।

मौज में ‘डिजिटल जेहादी’ जुबैर, पर घर में कैद हैं नुपूर शर्मा: कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे के हत्यारों को साल भर बाद भी...

पिछले 1 वर्ष में नूपुर शर्मा और तस्लीम रहमानी के जीवन का जो अंतर है न, वही मोहम्मद जुबैर जैसे 'डिजिटल जिहादियों' की सफलता है। कन्हैया लाल तेली और उमेश कोल्हे का गला रेता जाना और 1 वर्ष बाद भी हत्यारों को सज़ा न मिलना, यही इन 'डिजिटल जिहादियों' का उत्साहवर्धन है।

केजरीवाल से कम नहीं जंतर-मंतर वाले पहलवान: बबीता फोगाट, पीटी उषा और अब योगेश्वर दत्त, जिनके भी सुर हुए अलग उनके मेडल खोटे

बृजभूषण सिंह पर आरोप लगाने वाले पहलवान उन सबको निशाने पर ले रहे हैं, जो उनके अनुसार नहीं बोल रहे हैं या उनकी हाँ में हाँ नहीं मिला रहे हैं।

योजना, तैयारी और समय पर कार्रवाई…. जानें विनाशकारी बिपरजॉय चक्रवात से कैसे बचा गुजरात, राज्य सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए

गुजरात चक्रवात बिपरजॉय के संकट से सफलतापूर्वक बाहर निकल आया है। इस दौरान सरकार की चौकसी और तैयारी के कारण किसी की जान नहीं गई।

राजनीति के ‘शुक’ और ‘सारण’ भी आदिपुरुष पर बन गए रामभक्त ‘वानर’… ओम राउत और मनोज मुंतशिर की करनी पर BJP से माँग रहे...

राजनीति में ऐसे चरित्र भरे पड़े हैं जो रावण टोले के बहुरूपियों जैसे हैं। ये बहुरूपिए अब आदिपुरुष को लेकर भी बीजेपी से जवाब चाहते हैं।

दिलनूर जैसी मुस्लिम युवतियों को कौन दिलाएगा मुक्ति, भाभी देती है ताने- तेरे साथ तो बकरा भी नहीं रहेगा: ‘पैगाम’ वाली रवायत से निकाह...

इस्लामी कानून, रवायत और कठमुल्ले किसी के लिए मुस्लिम महिलाओं की आवाज का मोल नहीं। उलटे तकरीरों में उन्हें इस तरह पेश किया जाता है जैसे 'भोग की वस्तु' से अधिक उनका मोल न हो।

क्या बिहार की सियासत के रामविलास हैं जीतनराम मांझी?

रामविलास पासवान राजनीति के मौसम वैज्ञानिक कहे जाते थे। बिहार की राजनीति में जीतनराम मांझी की यात्रा भी ऐसी ही रही है।

दो मजहबी भेड़ियों के बीच फँसी लड़की की यह तस्वीर भले धुँधली है, लेकिन इसके बारे में आपकी जानकारी साफ होनी चाहिए

इस्लामपरस्त, वामपंथी, लिबरल... पूरा गिरोह डर में है। 90 के दशक में जिस कहानी पर लीपापोती कर दी गई, वह गोदी मीडिया के जमाने में गाँव-गाँव तक पहुँच रही है।

शोएब जमई मुस्लिमों का प्रतिनिधि और अधिवक्ता सुबुही खान को अपनी बात रखने का भी हक़ नहीं? लिबरल गिरोह नफरती कट्टरपंथी से जमा रहा...

शोएब जमई मुस्लिमों का प्रतिनिधि बन गया और एक मुस्लिम महिला सुबुही खान को बोलने का भी अधिकार नहीं? कन्हैया लाल के लिए कहाँ थी ये सहानुभूति?

बृजभूषण शरण सिंह vs पहलवान: क्या हैं आरोप, क्या हैं कानूनी प्रावधान, अब तक क्यों नहीं हुई गिरफ्तारी… हर सवाल का जवाब एक साथ

बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज POCSO में दर्ज मुकदमे को लेकर पहलवान उनकी गिरफ्तारी की माँग को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं।

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