राजनैतिक मुद्दे

अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति, देश बनेगा विकसित: जानिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील से क्या होंगे सकारात्मक परिवर्तन, कैसे विपक्ष के मुँह पर है ये तमाचा

भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील में डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया। यह ट्रेड डील भारत को एक नई राह पर लेकर जायेगी।

जनता दरबार में ही निलंबन, ‘नो वर्क नो पे’ और जाँच की धमकी से काम पर लौटते CO: बिहार में जमीन विवादों की जड़ों...

विजय सिन्हा के सख्त रुख और ईमानदारी से भरे संकल्प ने भ्रष्ट तत्वों में खौफ पैदा कर दिया है। उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।

ये पाकिस्तान को सबक सिखाने का वक्त, IND-PAK मैच छोड़ने पर बांग्लादेश से कड़ी सजा जरूरी: PCB का निकलना चाहिए दिवाला

टी-20 क्रिकेट विश्वकप में भारत-पाकिस्तान मैच न होने से सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि क्रिकेट की गरिमा को भी ठेस पहुँची है।

शैक्षणिक परिसर को ‘सामाजिक न्याय उद्योग’ का अखाड़ा न बनाएँ- UGC नियमावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के संदेश

सुप्रीम कोर्ट की रोक ने उस ढाँचे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसके जरिए UGC शैक्षणिक परिसरों में डर, संदेह और एकतरफा प्रक्रिया को संस्थागत रूप देना चाहता था।

व्यापार पर बात, ममता बनर्जी करने लगी ‘मुस्लिम वोट बैंक’ का बचाव: क्या हैं बंगाल CM के बयान के मायने, क्यों BJP नेता ने...

बिजनेस लीडर्स के मंच से बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बेलडांगा हिंसा की पृष्ठभूमि में 'मुस्लिम वोटबैंक' को खुश करने के लिए कट्टरपंथी भीड़ द्वारा सड़कों पर अवरोध करने का बचाव किया।

ये हरा-हरा देखने की तलब है या गजवा-ए-हिंद की चाह… सहर के ‘जहर’ के मायने समझते हैं क्या आप?

मुंब्रा वार्ड में 'हिजाब वाली' सहर यूनुस शेख AIMIM के टिकट से नई पार्षद बनीं। 22 साल की सहर शेख ने जीत के बाद थैंक्यू स्पीच में कहा कि उनका मकसद पूरे मुंब्रा को 'ग्रीन' (हरा) रंग से रंगना है।

जले नोटों पर चुप्पी, सवालों पर ‘मीडिया ट्रायल’ का लेबल: क्या न्यायपालिका खुद को कानून से ऊपर मानती है?

मीडिया ट्रायल या जवाबदेही से डर? जस्टिस यशवंत वर्मा केस और मुकुल रोहतगी के बयान ने न्यायपालिका पर उठाए असहज सवाल।

गोधरा में भीतर से नहीं फूँकी गई थी साबरमती एक्सप्रेस… शर्म तो आप घोंटकर पी चुके हैं शंकर सिंह वाघेला, पर क्या जमीर भी...

शंकरसिंह वाघेला की फेसबुक वॉल पर एक रील पोस्ट की गई है, जिसमें गोधरा हिंदू हत्याकांड को लेकर बेबुनियाद और बेतुकी बातें कही गई हैं।

याकूब मेमन से उमर खालिद तक: जब ‘न्याय’ इस्लामी-वाम गठजोड़ के मजहबी नैरेटिव को चुभने लगता है

उमर खालिद और शरजील इमाम पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद फिर वही पैटर्न। कानून नहीं, मजहबी पहचान और मजहब की भावना थोपने की कोशिश।

CBI का छापा, सोनिया का पास्ता मेकर और इंदिरा गाँधी: ममता बनर्जी के ‘दखल’ से चर्चा में 49 साल पुराना किस्सा

CBI बाहर थी और इंदिरा गाँधी 5 घंटे घर के अंदर। उनका कहना था कि उन्हें सामान रखने के लिए समय चाहिए। इसी सामान में एक चीज पास्ता मेकर भी थी।

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