सामाजिक मुद्दे

भगवा कुर्ता, शिखा… पैसे लेकर बना देता है IPS: मिथिलेश मांझी की जिस कहानी को बिहार पुलिस ने पाया फर्जी, उस पर बनी फिल्म...

बॉलीवुड के परोसे गंद का असर है कि फर्जी आईपीएस की फर्जी कहानी दिखाने के लिए ब्राह्मणों की शिखा को बदनाम करने का काम हुआ।

टाइट योनि से नहीं, ममता से भरी होती हैं जन्म देने वाली माँ: निया शर्मा के नाम एक मर्द का खुला खत

पैसों के लिए दिल भटक जाए तो उसका भी उपाय है। टाइट योनि वाला विज्ञापन इसके लिए एकमात्र रास्ता नहीं निया शर्मा जी।

विमुक्त घुमंतू जनजातियों की नारकीय स्थिति: अंग्रेजों का बोया बीज जो बन गया स्थायी कलंक, स्वतंत्रता के 77 वर्षों बाद भी उपेक्षित

सरकार ने समय-समय पर घुमंतू और विमुक्त जनजातियों के उत्थान के लिए कई योजनाएँ बनाई हैं, लेकिन ये योजनाएँ कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं।

एक सहज व्रत को सिनेमा ने ग्लैमर से जोड़ा, नारीवादियों ने गढ़ा स्त्रियों के शोषण का प्रोपेगेंडा; फिर भी ‘करवा चौथ’ के चाँद पर...

स्कूल, कॉलेजों में लड़कियों को यूनिफॉर्म की जगह बुर्का पहनाने की माँग करने वाली फर्जी फेमिनिस्टों को करवा चौथ त्योहार का मनाया जाना महिलाओं का शोषण लगता है...

जो मुल्ले की सुनने के आदी, क्या वे मी लॉर्ड की सुनेंगे… सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह पर जो खींची नई लकीरें, क्या उससे...

बाल विवाह या छोटी उम्र में निकाह को को पर्सनल लॉ का हवाला देकर जायज ठहराना गलत है। इस रवायत से बच्चा शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से कमजोर होता है।

भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संघर्ष के 100 वर्ष: RSS की इस गौरवमयी यात्रा में संघ ने देश के हर...

RSS की यात्रा केवल संगठनात्मक नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा की यात्रा है, जो समाज के हर वर्ग को एकजुट करे का प्रयास कर रहा है।

मैरिटल रेप: ये कौन तय करेगा कि कब बलात्कार हुआ? ‘वैवाहिक संस्था’ की हत्या का कहीं कारण ना बन जाए यह कानून

मैरिटल रेप को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अगर इसे आपराधिक घोषित कर दिया जाता है तो इससे वैवाहिक संस्था को नुकसान पहुँचेगा।

तिरुपति बालाजी प्रसाद में चर्बी: 189 साल पहले रची गई साजिश का नतीजा, आज भी भोग रहा हिंदू समाज

सनातन आस्था के सबसे बड़े केन्द्र तिरुपति बालाजी के प्रसादम् में गाय और सुअर की चर्बी की मिलावट का मामला बेहद निंदनीय और गहरा षड्यंत्र है।

झूठे मामलों की वजह से कोर्ट पर दबाव, पति और ससुराल पक्ष को प्रताड़ना: जानिए घरेलू हिंसा से जुड़े कानून की समीक्षा क्यों है...

जिस तरह से विवाहित महिलाओं की हितों की रक्षा के लिए महिला आयोग है, उसी तरह पुरुषों को प्रताड़ना से बचाने के लिए पुरुष आयोग बने।

गुलाम भारत में अंग्रेज नहीं खिला पाए चर्बी, स्वतंत्र भारत में तिरुपति के बीफ वाले लड्डू खिला दिए: क्या दक्षिण से उठेगी सनातन रक्षा...

ये हिंदू हैं विश्वास पर इतना बड़ा आघात हो गया और ये शांत हैं... सोशल मीडिया परअपना विरोध दिखा रहे हैं। क्या अगर ये किसी और मजहब के लोगों के साथ होता तो उनकी प्रतिक्रिया ऐसी होती।

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