सामाजिक मुद्दे

पीरियड आते ही ‘शेख चच्चा’ ने बना लिया बेगम, 15 दिन भोगा, प्रेग्नेंट कर चला गया अपने मुलुक… हैदराबाद में एक नहीं कई शबाना,...

मुताह निकाह करवाने में एजेंट और ब्रोकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे लड़कियों और शेखों के बीच संपर्क स्थापित करते हैं।

पत्थरबाजी, नारा-ए-तकबीर, अदालत पर अविश्वास, इबादत के नाम पर उन्माद… साल 712 की तरह दोबारा न हारे हिंदुस्तान, इसलिए समाधान जरूरी

बँटेंगे तो कटेंगे। हिंदुओं के लिए एकता आज के समय की माँग है। इसलिए विचार करिए और समाधान की तरफ़ बढ़िए, यही वक्त की माँग है!

UP की जिस सीट पर 64% मुस्लिम, वहाँ BJP के ‘रामवीर’ ने सबकी करवा दी जमानत जब्त: जानिए क्यों है यह जीत खास, क्या...

मुरादाबाद के मुस्लिम बहुल कुंदरकी सीट पर भाजपा के ठाकुर रामवीर सिंह की प्रचंड जीत ने भाजपा-संघ को आत्मविश्वास से भर दिया है।

हजूर पाक-ईशनिंदा-गुस्ताख पर मुल्लों जैसे चिल्लाना, तालिबानी मौलाना संग फोटो… शौहर और मुस्लिम वोट के लिए स्वरा बन गई ‘कट्टर’, ओढ़ रखा प्रोग्रेसिव का...

ऐसा लगता है कि स्वरा भास्कर की पहचान न फेमिनिस्टों में रह गई हैं और न ही सेकुलरों में... उन्होंने शौहर को राजनीति में चमकाने के लिए इस्लामी ताकतों के आगे सरेंडर कर दिया है।

अब ‘डिग्री’ वाले मौलवी नहीं होंगे पैदा, पर बच्चों को आधुनिक शिक्षा से दूर रखना कितना जायज: क्या मदरसा एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के...

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उच्च शिक्षा से संबंधित फाजिल और कामिल पर मदरसा अधिनियम के प्रावधान असंवैधानिक हैं।

भगवा कुर्ता, शिखा… पैसे लेकर बना देता है IPS: मिथिलेश मांझी की जिस कहानी को बिहार पुलिस ने पाया फर्जी, उस पर बनी फिल्म...

बॉलीवुड के परोसे गंद का असर है कि फर्जी आईपीएस की फर्जी कहानी दिखाने के लिए ब्राह्मणों की शिखा को बदनाम करने का काम हुआ।

टाइट योनि से नहीं, ममता से भरी होती हैं जन्म देने वाली माँ: निया शर्मा के नाम एक मर्द का खुला खत

पैसों के लिए दिल भटक जाए तो उसका भी उपाय है। टाइट योनि वाला विज्ञापन इसके लिए एकमात्र रास्ता नहीं निया शर्मा जी।

विमुक्त घुमंतू जनजातियों की नारकीय स्थिति: अंग्रेजों का बोया बीज जो बन गया स्थायी कलंक, स्वतंत्रता के 77 वर्षों बाद भी उपेक्षित

सरकार ने समय-समय पर घुमंतू और विमुक्त जनजातियों के उत्थान के लिए कई योजनाएँ बनाई हैं, लेकिन ये योजनाएँ कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं।

एक सहज व्रत को सिनेमा ने ग्लैमर से जोड़ा, नारीवादियों ने गढ़ा स्त्रियों के शोषण का प्रोपेगेंडा; फिर भी ‘करवा चौथ’ के चाँद पर...

स्कूल, कॉलेजों में लड़कियों को यूनिफॉर्म की जगह बुर्का पहनाने की माँग करने वाली फर्जी फेमिनिस्टों को करवा चौथ त्योहार का मनाया जाना महिलाओं का शोषण लगता है...

जो मुल्ले की सुनने के आदी, क्या वे मी लॉर्ड की सुनेंगे… सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह पर जो खींची नई लकीरें, क्या उससे...

बाल विवाह या छोटी उम्र में निकाह को को पर्सनल लॉ का हवाला देकर जायज ठहराना गलत है। इस रवायत से बच्चा शारीरिक और मानसिक दोनों रूपों से कमजोर होता है।

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