जिस हिंदुत्व का रोना रोकर पाकिस्तान से लेकर भारत तक वाममार्गी इसे खतरनाक जताने की कोशिश करते हैं उसका न तो दहशतगर्दी का अतीत है, न वर्तमान। फिर भी वही है खतरा।
'पिंजरा तोड़' वामपंथी विचारधारा की विष-बेल बन दिल्ली यूनिवर्सिटी को बर्बाद कर रही है। दंगों में भी पुलिस ने इनकी भूमिका बताई है, क्योंकि दंगों की तैयारी के दौरान इनके सदस्य उन इलाकों में होते थे।
आज भारत की संस्कृति ने फिर से अपनी पहचान बनानी शुरू की है, क्योंकि हमने उस पर बिना किसी झेंप के गर्व करना सीख लिया है। आइए भय, पूर्वाग्रह और तुष्टिकरण के परदे से बाहर निकल कर खुली आँखों से सत्य के प्रकाश का अवलोकन करें।