जीएम डामोर के सांसद चुने जाने के कारण उपचुनाव हो रहा है। इससे पहले जून में विजयवर्गीय ने कहा था कि कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी ने उनसे कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए सम्पर्क किया था।
"इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। जीजी फाउंडेशन को बधाई! हम बलिदानी जवानों के 100 बच्चों की देखभाल करेंगे। उनके पिता ने देश के लिए अपना बलिदान दिया और अब हमारी बारी है।"
सांगोद से विधायक भरत सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर खनन विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 की क्षतिग्रस्त सड़क के लिए ठेकेदार काे अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही है।
नायडू ने माना कि मई 2018 में मोदी सरकार से बाहर होने के फैसले ने इस साल विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी को बड़ा झटका दिया। उन्होंने कहा कि आंध्र के लिए विशेष दर्जे की माँग को बल देने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया था।
जहाँ तमिलनाडु के अधिकतर द्रविड़ नेता जनता के बीच ख़ुद को 'धर्मनिरपेक्ष' साबित करने की कोशिश में लगे रहते हैं, राजनीति में एंट्री की घोषणा कर चुके रजनीकांत का यह आध्यात्मिक दौरा राज्य के सियासी समीकरण के लिए अहम है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन कार्यकर्ताओं को देखकर लग रहा था जैसे उन्हें शरद यादव को सुनने की कोई जिज्ञासा ही नहीं। इसलिए उन्होंने समय गंवाने से अच्छा सभागार से बाहर निकलना समझा।
महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि पॉंच साल के काम से विपक्षी भी हैरान और परेशान हैं। विरोधी भी मान रहे हैं कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन का नेतृत्व कर्मशील है। राज्य में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं।
मेरा लक्ष्य ग़रीबी मिटाना है। राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या कम हो रही है। सखी मंडलों से महिलाएँ सशक्त हो रही हैं। हमने पलायन रोका है। योजनाओं का ज़्यादा से ज़्यादा प्रसार करना है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने सिंधिया को कॉन्ग्रेस छोड़ने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस ने सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर कर्ज माफी का वादा किया था। इस मसले पर हाल ही में ज्योतिरादित्य ने राज्य सरकार को घेरा था।
केंद्रीय मंत्री नक़वी ने अपने ट्वीट में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत "विश्व गुरु" बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने भाषण से मोदी जी ने एहसास कराया कि भारत दुनिया का सबसे मजबूत और बड़ा लोकतंत्र है।