फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
शारद पवार ने भाजपा में शामिल होने वाले अपने पूर्व सहयोगियों की भी निंदा करते हुए कहा, "वे कायर हैं... महाराष्ट्र के लोग चुनावों में इस तरह के लोगों को ध्यान में रखेंगे।"
एक पत्रकार ने अपनी किताब में खुलासा किया है की शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के पिता स्वर्गीय प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे का परिवार बिहार से संबध रखता है।
चिदंबरम ने ट्वीट में बिगड़ी अर्थव्यवस्था का जिक्र किया। उन्होंने देश से घटते निर्यात को लेकर चिंता जताई। मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान इस देश को बचाए।
प्रशासन का कहना है कि गणेश पूजा के दौरान हुए हादसे के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। लेकिन, कारीगर दुविधा में हैं। अचानक से नया नियम तय किए जाने के बाद उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि अब उनकी मूर्तियाँ कौन ख़रीदेगा?
उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कोर्ट का निर्णय कुछ भी आए लेकिन जिस तरह से कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला केंद्र सरकार के किया, उसे उसी हिम्मत से राम मंदिर का निर्माण भी शुरू करवाना चाहिए।
कोडेला शिवा प्रसाद राव 6 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके थे और टीडीपी के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे। एनटी रामाराव और चंद्रबाबू नायडू की सरकार में वह मंत्री भी रहे थे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और भाजपा ने टीडीपी नेता के निधन पर शोक जताया है।
अधिकारियों ने बताया कि निजी क्षेत्र में आरक्षण दिए जाने की व्यवहारिकता, स्वीकार्यता, संभावनाओं और प्रभावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार इसके लिए व्यापार जगत से बातचीत करेगी और उनकी प्रतिक्रिया आते ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा।
आरोपों की पुष्टि के लिए पीड़िता के पिता ने एसआईटी को 43 वीडियो क्लिप्स सौंपी है। पीड़िता के पिता ने कहा कि जौनपुर से सांसद रहे चिन्मयानन्द ने सबूत मिटाने की कोशिश की है। पीड़िता का आरोप है कि चिन्मयानन्द ने कई अन्य छात्राओं का भी बलात्कार किया है।
एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।