86-वर्षीय डॉ. सिंह की पारंपरिक राज्यसभा सीट असम से थी। पिछले टर्म में जब मनमोहन सिंह राज्यसभा से विदा हुए तो इसे उनका रिटायरमेंट माना जा रहा था। लेकिन अब वह 3 अप्रैल, 2024 तक राज्यसभा सदस्य रहेंगे, और 92 की उम्र तक उनका कार्यकाल होगा।
"पी चिदंबरम कितने समय तक केंद्रीय मंत्री रहे? देश को क्या फायदा हुआ... वह सिर्फ़ धरती पर बोझ हैं।" तमिलनाडु सीएम ने कहा कि लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने कभी राज्य से संबंधित कावेरी नदी के विवाद को नहीं उठाया।
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि रजनीकांत ने कश्मीर मसले और भारत के संवैधानिक इतिहास को समझे बिना मोदी-शाह की तुलना कृष्ण-अर्जुन की जोड़ी से कर दी। उन्होंने कहा कि रजनीकांत पर सेलेक्टिव मसलों पर ही बयान देने का भी आरोप लगाया है।
2019 विधानसभा चुनाव के बाद सिक्किम क्रन्तिकारी मोर्चा के प्रेम सिंह तमांग राज्य के मुख्यमंत्री बने। 15 विधायकों के साथ चामलिंग विपक्ष में बैठे थे, वहीं तमांग ने 17 विधायकों के साथ नई सरकार का गठन किया था।
चिदंबरम ने सात राज्यों में सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने बीजेपी के डर की वजह से विरोध नहीं किया। साथ ही कहा था कि देश के 70 साल के इतिहास में पहली बार एक राज्य को केन्द्रशासित प्रदेश बना दिया गया है।
"कॉन्ग्रेस ने इतिहास की गलतियों से सीखने की तैयारी नहीं दिखाई। कॉन्ग्रेस के पतन के लिए मोदी-शाह जिम्मेदार न होकर वे खुद ही जिम्मेदार हैं। 73 साल की सोनिया गाँधी के कंधों पर भार सौंपकर कॉन्ग्रेस ने बचा-खुचा सत्व भी गँवा दिया है।''
वाइको को चेन्नई की एक अदालत लिट्टे का समर्थन करने पर देशद्रोह का दोषी करार दे चुकी है। एक साल की सजा सुनाते हुए उन पर 10,000 जुर्माना लगाया गया था। हालाँकि बाद में उनकी सजा पर रोक लगा दी गई थी।
राज्यपाल मलिक ने कहा कि मुठ्ठी भर लोग माहौल ख़राब करने में लगे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने राहुल गाँधी को यहाँ आने का न्योता दिया है। मैंने उनसे कहा है कि मैं आपके लिए विमान भेजूँगा ताकि आप स्थिति का जायजा लीजिए और तब बोलिए। आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपको ऐसे बात नहीं करनी चाहिए।
कॉन्ग्रेस ने 2014 में आंध्र प्रदेश का विभाजन किया था, जिसके बाद तेलंगाना के रूप में एक नया राज्य अस्तित्व में आया। जब अनुच्छेद 370 को लेकर संसद में बहस चल रही थी, तब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कॉन्ग्रेस को याद दिलाया था कि कैसे आंध्र का विभाजन अलोकतांत्रिक तरीके से किया गया था।
बबीता कई मौकों पर केन्द्र और हरियाणा की भाजपा सरकार के फैसलों का समर्थन कर चुकी हैं। अनुच्छेद 370 पर सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए बबीता ने ट्वीट किया था-लठ गाड़ दिया, धुम्मा ठा दिया।