"अजीत जोगी कोई भी ऐसा प्रमाण नहीं दे सके जिससे वह यह साबित कर सकें कि वह आदिवासी जाति से ताल्लुक रखते हैं। लिहाजा बिलासपुर के कलेक्टर को छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी नियम 2013 के तहत उन पर एक्शन लेने के लिए कहा गया है।"
चिदंबरम और इस मामले के सह-आरोपितों की 12 देशों में सम्पत्ति है। इन देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड, फ्रांस, ग्रीस, मलेशिया, मोनाको, फिलीपींस, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, स्पेन और श्री लंका शामिल है।
हो सकता है कि कल को अगर देश को नया वित्त मंत्री मिल जाए तो वह ख़ुद को स्ट्रिपटीज डांस में ही पारंगत न घोषित कर दें! या फिर वह अबकी पोल डांस भी चुन सकते हैं।
इसमें एक स्टैंड का नाम भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के नाम पर भी रखा जाएगा, जिसकी पूर्व में घोषणा की गई थी। यह समारोह जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में होगा जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और खेल मंत्री किरन रिजिजू भी हिस्सा लेंगे।
पूर्व स्पीकर का कहना है कि फर्नीचर अस्थायी विधानसभा में ख़राब हो सकते थे, इसीलिए उनकी सुरक्षा और मेंटेनन्स के लिए ऐसा किया गया। विवाद होने के बाद वे फर्नीचर के रुपए देने के लिए भी तैयार हैं।
सोनिया गाँधी ने शशि थरूर के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि उन्हें इस तरह का बयान सार्वजनिक तौर पर न देकर पार्टी के समक्ष रखना चाहिए था। सोनिया गाँधी के बयान के बाद से कई कॉन्ग्रेसी नेताओं ने थरूर की...
ED ने कार्ति की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने के लिए दिल्ली HC का दरवाजा खटखटाया है। इतना ही नहीं, ED सुप्रीम कोर्ट से पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने की भी माँग कर रहा है। जाँच एजेंसी सुप्रीम कोर्ट में एक और अर्जी दाखिल करने जा रहा है।
जब्त की गई संपत्ति का स्वामित्व ब्राइट स्टार होटल प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है, जिसमें 34% शेयर अन्य कंपनी के नाम हैं, जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड (BVI) में रजिस्टर्ड है। यह कंपनी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से संचालित होती है।
DMK ने कमिश्नर से मरीदास की शिकायत की है क्योंकि वह सवाल पूछते हैं, ब्लॉग लिखते हैं, मोदी का समर्थन करते हैं और वीडियो बनाते हैं। सारे FOE वाले सोए हुए हैं। समझिए इस विवाद के बारे में और जानिए कौन हैं मरीदास? क्यों ट्रेंड हो रहा है #ISupportMaridhas ?
बकौल कृष्ण गोपाल, सिंध के अंतिम हिन्दू राजा दाहिर की पत्नियाँ जब जौहर करने जा रही थीं, तब उन्होंने 'म्लेच्छ' शब्द का प्रयोग किया था। रानियों का मानना था कि अगर उन्होंने जल्द से जल्द जौहर कर अपने प्राण नहीं त्यागे तो 'म्लेच्छ' लोग (इस्लामिक आक्रांता) आकर उन्हें छू देंगे।