इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पाकिस्तान को उसकी हरकतों पर चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था भारत के खिलाफ पाकिस्तान आतंकवाद फैलाना बंद कर दे, नहीं तो हम किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए तैयार हैं।
दलाई लामा ने बताया कि चीन भी अब समझ गया है कि उसकी पुरानी नीति सफल नहीं होगी। इसीलिए वह जिस तिब्बती परंपरा को अपना बताता था, उसे अब नालंदा का मानने लगा है।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में 14 याचिकाएँ दायर हुई हैं। जिसमें एडवोकेट एमएल शर्मा, पूर्व आईएस अधिकारी शाह फैसल, जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद और राधा कुमार की याचिका भी शामिल है।
लोगों ने थरूर से पूछा कि अब तो राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी नहीं रहे, तो फिर वे 'मालिक' कैसे हुए? लोगों ने कहा कि जो डैमेज होना था वह हो चुका, अब इन बयानों का कोई फ़ायदा नहीं।
पाकिस्तान ने राहुल गाँधी का हवाला देते हुए उनके उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'जम्मू कश्मीर में लोग मर रहे हैं'। पाकिस्तान ने लिखा कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने जम्मू कश्मीर में चीजें ग़लत दिशा में जाने की बात कही थी।
"पूरे देश में कश्मीरी मुस्लिम सुरक्षित हैं, लेकिन कश्मीर में 370 खत्म होने के बाद से दो बेग़ुनाह मुस्लिमों को जान से मारा जा चुका है। किसने मारा हिन्दुओं ने? नहीं। एक को मुस्लिम आतंकियों ने मारा और दूसरे को पत्थरबाजों ने!"
आम आदमी को रिजर्व बैंक या उसी कार्यशैली का कुछ पता नहीं होता। इसलिए, उसे मूर्ख बनाना आसान होता है कि देखो मोदी रिजर्व बैंक को लूट रहा है। जबकि राहुल गाँधी ये नहीं बता पाएँगे कि 2013-14, 14-15, 15-16 और उसके पहले भी रिजर्व बैंक ने सरप्लस भारत सरकार को दिया या नहीं। दिया तो कितने प्रतिशत दिया।
जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् के सभापति हाजी अनायत अली के अलावा, लद्दाख स्वायत्तशासी पर्वतीय विकास परिषद के कार्यकारी पार्षद मोहम्मद अली हसन और 6 अन्य नेताओं ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हुए।
लोग इस मामले में बात छिपा रहे हैं कि बिमल जालान को सरकार में लाने वाले मोदी नहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी हैं। 1970 के दशक में इंदिरा गाँधी ने 4-5 उभरते हुए आर्थिक और सार्वजनिक नीति (पब्लिक पॉलिसी) के विद्वानों को सरकारी तंत्र का हिस्सा बनाया था।
"मैं नरेंद्र मोदी सरकार का एक कठोर आलोचक रहा हूँ और मुझे उम्मीद है कि सकारात्मक आलोचक रहा हूँ। समावेशी मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों के कारण ही मैंने लगातार 3 बार चुनाव जीता है। मैं अपने कॉन्ग्रेस के साथियों से निवेदन करता हूँ कि मेरे विचारों की कद्र करें, यदि वे उससे सहमत नहीं हैं, तब भी।"