ओवैसी ने रजनीकांत के उस बयान पर भी तंज कसा जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर क्रन्तिकारी निर्णय लेने के लिए मोदी-शाह की तुलना कृष्ण और अर्जुन की जोड़ी से की थी। ओवैसी ने पूछा कि अगर मोदी-शाह को कृष्ण-अर्जुन कहा जा रहा है तो पांडव और कौरव कौन हैं?
एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि शेहला जैसे लोगों को सुरक्षा कवर देना जनता के टैक्स का ग़लत इस्तेमाल है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि अब जब जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र सरकार के अधीन होगी, क्या शेहला रशीद अपनी सुरक्षा वापस कर देगी?
विपक्ष की उलूल-जुलूल बयानबाजी से पाकिस्तान और अलगाववादियों को भी शह मिल रही है। इसके कारण सोशल मीडिया में यूजर्स जमकर विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के विपक्षी नेताओं ने अपने रुख से पाकिस्तान को भी हैरान कर दिया है।
शाह फैसल पहले भी धमकी देते रहे हैं। वे ख़ुद को अलगाववादी घोषित कर चुके हैं। एक बयान में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को भड़काने की कोशिश करते हुए कहा कि वे तब तक ईद नहीं मनाएँगे जब तक बेइज्जती का बदला नहीं ले लेते।
विधायक ने वीडियो को नकारा तो नहीं लेकिन बताया कि ये बहुत पुराना मामला है और उन्हें ख़ुद याद नहीं है कि ऐसा कब हुआ था? विधायक ने अपने विरोधियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसी तरह वीडियो को हासिल कर लिया है ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके।
86-वर्षीय डॉ. सिंह की पारंपरिक राज्यसभा सीट असम से थी। पिछले टर्म में जब मनमोहन सिंह राज्यसभा से विदा हुए तो इसे उनका रिटायरमेंट माना जा रहा था। लेकिन अब वह 3 अप्रैल, 2024 तक राज्यसभा सदस्य रहेंगे, और 92 की उम्र तक उनका कार्यकाल होगा।
"पी चिदंबरम कितने समय तक केंद्रीय मंत्री रहे? देश को क्या फायदा हुआ... वह सिर्फ़ धरती पर बोझ हैं।" तमिलनाडु सीएम ने कहा कि लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने कभी राज्य से संबंधित कावेरी नदी के विवाद को नहीं उठाया।
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि रजनीकांत ने कश्मीर मसले और भारत के संवैधानिक इतिहास को समझे बिना मोदी-शाह की तुलना कृष्ण-अर्जुन की जोड़ी से कर दी। उन्होंने कहा कि रजनीकांत पर सेलेक्टिव मसलों पर ही बयान देने का भी आरोप लगाया है।
2019 विधानसभा चुनाव के बाद सिक्किम क्रन्तिकारी मोर्चा के प्रेम सिंह तमांग राज्य के मुख्यमंत्री बने। 15 विधायकों के साथ चामलिंग विपक्ष में बैठे थे, वहीं तमांग ने 17 विधायकों के साथ नई सरकार का गठन किया था।