ये मीडिया गिरोह अगर एक बार भी पाकिस्तान से हफीज सईद और आतंकवाद पर कार्रवाई करने की अपील करती तो शायद एक बार के लिए इन्हें पढ़ने वाले लोग गंभीरता से लेना शुरू कर देते। लेकिन इन्होंने इन 2 दिनों में सिर्फ यही साबित किया है कि ये लोग बिना पेंदी के लोटे से ज्यादा कुछ नहीं हैं।
मंगलवार की सुबह देशवासियों को सबसे पहली यही खबर मिली कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के घर में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के अड्डे पर ‘एयर स्ट्राइक’ से 1000 किलो बमबारी कर तहस-नहस कर दिया, जिसमें 300 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए।
सागरिका घोष, प्रोपेगेंडा पत्रकारिता जगत की एक बड़ा हस्ती हैं। एक तरफ जहाँ पूरा देश इस कामयाबी को सराहने में जुटा है, वहीं सागरिका ट्वीट करके सवाल दाग रही हैं कि कौन से बालाकोट में IAF द्वारा बम गिराए गए हैं?
जहाँ पाक सेना ने 'कुछ भी नहीं हुआ, भारतीय वायु सेना के जहाज जल्दी भाग गए' बोलकर अपनी इमेज बचाई, वहीं पाकिस्तानी नागरिकों ने अपनी सरकार और आर्मी की जमकर क्लास लगाई।
प्रसारण नियमों के उल्लंघन पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में, चैनलों से 7 दिनों के अंदर जवाब माँगा गया है। और पूछा गया है कि क्यों सरकार को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू नहीं करनी चाहिए।
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, उन युवकों ने नज़ीर से न सिर्फ़ माफ़ी माँगी बल्कि उसके वाहन की मरम्मत कराने का वादा भी किया। इसके बाद नज़ीर ने अपनी शिक़ायत वापस ले ली।
इतने लोग सुबह-सुबह किसी खेत में जाते होंगे, और वहाँ खाद बनाते होंगे, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।किसानों की बात करने वाले मोदी जी का यही है असली चेहरा। खेतों से लोगों को वापस लौटा कर नीम कोटेड यूरिया बेच रहे हैं, जबकि पूरी दुनिया को पता है कि पेशाब में यूरिया होता है।
यह राहुल गाँधी, सोशल मीडिया के वामपंथी ट्रोल और फुल टाइम प्रचारक पत्रकारों द्वारा प्रचारित एक और झूठ, उनकी कभी न खत्म होने वाली महाझूठ और प्रोपेगंडा का हिस्सा है।