इसमें कोई दोराय नहीं कि मोदी सरकार न रामराज्य है और न ही उसकी वैचारिक भिन्नता के चलते आलोचना करना गलत या आपराधिक है, पर वामपंथी समाचार पोर्टलों ने मोदी-विरोध और देश-विरोध में कोई अंतर ही नहीं छोड़ा है।
पाकिस्तान के घर में घूसने की 'हिम्मत' कर दी प्रधानमंत्री ने! ऐसे में पाक-प्रेमी भला कैसे शांत बैठते! तय रणनीति के तहत वामपंथी पत्रकारों और विरोधियों ने एयर स्ट्राइक के बाद मोदी सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की। और...
पेशी के दौरान फेसबुक के वैश्विक नीति प्रमुख ने अपने कुछ कर्मचारियों द्वारा पुलवामा हमले और आतंकवाद को लेकर की गई असंवेदनशील टिप्पणियों पर स्टैंडिग कमिटी से माफी भी माँगी।
गालिब ने कहा कि वह भारतीय होने में गर्व कैसे कर सकता है? भारत की सरकार ने न केवल उसके पिता की हत्या की बल्कि कश्मीर के साथ भी अन्याय भी किया। गालिब ने स्पष्ट किया कि उसने पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए प्रोपेगेंडा के तहत टाइम्स ऑफ इंडिया को बाइट दिया।
कॉन्ग्रेस ने केजरीवाल को ठुकराया तो ट्विटर ने लिए 'तन्हा आत्ममुग्ध बौने' के मजे। शीला द्वारा AAP से गठबंधन की पेशकश ठुकराते ही केजरीवाल ने कहा- 'सब मिले हुए हैं जी!' आप भी ट्विटर पर लोगों की क्रिएटिविटी देख कर लोट-पोट होइए।
वागले ने इंदिरा गाँधी को कार्टून-प्रेमी साबित करने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें याद दिलाया गया कि आपातकाल के दौरान महान कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण को हताश होकर देश छोड़ना पड़ा था। इंदिरा ने उन्हें चेतावनी दी थी।
इस किताब का दावा है कि साल 2007 के गुजरात चुनाव के दौरान दूरदर्शन के संवाददाता संपादकीय सलाह के तौर पर एक 'कंसलटेंट' और तीस्ता सीतलवाड़ से आदेश लेते थे।
बीबीसी ने दो ऐसी भारत-विरोधी राय तो प्रसारित की, जिनके अनुसार भारत-पाकिस्तान तनाव 'मोदी स्टंट' है लेकिन चैनल ने डॉक्टर मोनिका की राय प्रसारित नहीं की क्योंकि उन्होंने कश्मीर और आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया।
ये वीडियो देखें और जानें कि दुश्मन से घिरे, ख़ून से लथपथ और आँखों पर पट्टी बंधी होने के बावजूद भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनन्दन वर्तमान ने पाकिस्तानी सेना को कैसे ट्रोल किया। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को ख़ूब सराहा।