बॉर्डर पार करने वालों की संख्या में ये इजाफा असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) की दूसरी लिस्ट आने के बाद आया है। ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक, साल 2018 में गैरकानूनी तरीके से बांग्लादेश जाने वालों की संख्या में 50 फीसदी का इज़ाफा हुआ।
"मैं 65 से ज्यादा धमाके कर चुका हूँ और अब तक मुझ पर सिर्फ़ तीन आरोप ही साबित हुए हैं। मैंने पुलिस वालों को धमाके में मारा और अब तक वह खुद पर हुए हमले के साक्ष्य नहीं जुटा पाई, इसी से अंदाजा लगा लो क्या स्थितियाँ हैं।"
कश्मीर समिति दिल्ली के अध्यक्ष समीर चंगू का कहना है कि हमारा तो सबकुछ लुट गया। परिवार-रिश्तेदार और पड़ोसी सब। पीड़ा तो थी ही ज़बरदस्त गुस्सा भी था। लेकिन, हम उनकी तरह जवाब नहीं दे सकते थे। हमने कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया।
आतंकियों की पहचान एजाज अहमद शेख, उमर हमीद शेख, इम्तियाज अहमद, साहिल फारूख और नसीर अहमद मीर के रूप में हुई है। कश्मीर यूनिवर्सिटी के बाहर हुए ग्रेनेड हमले भी शामिल थे यही आतंकी।
भारतीय सेना को ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी कि पुलवामा में तीन आतंकी छिपे हुए हैं। इस जानकारी के आधार पर सेना की राष्ट्रीय राइफ़ल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवानों ने मिलकर त्राल क्षेत्र में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे तक चले इस ऑपरेशन के अंत में...
1994 में संसद में प्रस्ताव पारित कर कहा गया था कि पूरा जम्मू-कश्मीर, भारत का अभिन्न अंग है। इसी का हवाला देते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि निर्देश मिलने पर उचित कार्रवाई के लिए सेना तैयार है।
तीनों आतंकी आपस में बातचीत करने के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसमें कम्युनिकेशन खत्म होते ही टेक्स्ट अपने-आप डिलीट हो जाते थे। इन्हें शहर की दीवारों पर लगे पोस्टरों से बड़े नेताओं की जानकारी जुटानी थी।
जिहाद के जरिए ये आतंकी मारत में इस्लामी राज लाना चाहते थे। इसके लिए मजहबी कक्षाएँ संचालित की गईं। गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक आतंकी मॉड्यूल 'अंसारुल्लाह' बनाया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि वे सुरक्षा के मुद्दे के साथ मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को संतुलित करने की पूरी कोशिश करेंगे। इंटरनेट पर एक समय-सीमा तक ही रोक लगनी चाहिए।