नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 17 जवान वीरगति को प्राप्त हुए हैं। अब तक कहा जा रहा था कि ये सभी जवान लापता हैं लेकिन अब उनके वीरगति को प्राप्त होने की पुष्टि हो गई है। इनमें से 12 डीआरजी के हैं जबकि 5 एसटीएफ के हैं।
नक्सलियों ने 600 सुरक्षा बलों की टीम पर फायरिंग की। नक्सलियों के नए मुखिया बासवराजू ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। नक्सलियों ने अपने हथियारों को भी दुरुस्त कर लिया है और वो ग्रेनेड लॉन्चर का प्रयोग करने में लगे हुए हैं।
इरफान अहमद और आदिल बशीर पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में थे। युवाओं को आतंकी समूह के साथ जुड़ने के लिए बरगलाते थे। इनके पास से एके-47 भी बरामद किया गया है।
तानिया आइएस की तर्ज पर भारत में इस्लामिक राज्य की स्थापना करना चाहती थी। उसका सहयोगी मनाजीरुल इस्लाम भी पकड़ा गया है। वह भी तानिया की तरह छात्र है। इस्लाम भी लगातार पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में था।
चार्जशीट में यह भी कहा गया था कि एल्गर परिषद हिंसा आरोपितों द्वारा सरकार को उखाड़ फेंकने और भीमा कोरेगाँव में झड़पों के माध्यम से लोगों को उकसाने, उपद्रव करने, भड़काने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए कैडर की भर्ती करने समेत अवैध कार्य करना उनकी साज़िश का हिस्सा थे।
टॉप 10 वॉन्टेड आतंकियों में से एक रियाज नाइकू कहता है, “सड़क, पानी, सोशल मीडिया हमारे लक्ष्य नहीं हैं... भारत अनुच्छेद 370 और सोशल मीडिया प्रतिबंध जैसे ट्रिक्स का उपयोग करके डेमोग्राफी को बदलना चाहता है। यह पाकिस्तान और कश्मीर को हथियार उठाने के लिए मजबूर करता है।”
वायुसेना जवानों की हत्या तब की गई जब वे एयरपोर्ट जाने के लिए बस का इन्तजार कर रहे थे। एक मारुति जिप्सी और एक बाइक से 5 आतंकी वहाँ पहुँचे और एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों ने ख़ून से लथपथ जवानों के सामने डांस करते हुए जिहादी नारे भी लगाए थे।
इंडोनेशिया का एक NGO, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के साथ लिंक, पैसों को हवाला के जरिए दुबई से भारत भेजा जाना... इन सब के पीछे वही प्रोपेगेंडा! इंटरनेट पर उपलब्ध फोटो और मैसेज को प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल करना।