तीनों छात्रों ने देश विरोधी विडियो उस समय बनाया जब कॉलेज में पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया था। वे इस कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय हॉस्टल में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए विडियो बना रहे थे।
कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने इस एनकाउंटर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शोपियाँ जिले के खाजपुरा रेबन इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच आज हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर किया गया। उनके शव बरामद कर लिए गए हैं और पहचान की जा रही है।
गुलाम फई कश्मीर में पैदा हुआ। 1980 में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा। इसके बाद कश्मीर से भागकर सऊदी अरब चला गया। फिर किंग फैसल फाउंडेशन के जरिए वो अमेरिका चला गया। अब भारत विरोधी प्रोपेगेंडा में फई इतना बड़ा नाम है कि पाकिस्तान से 4 मिलियन डॉलर लेकर...
इंटेलिजेंस के अधिकारियों के अनुसार जहाँजैब सामी नामक यह कश्मीरी, आईएस खुरासान विंग के पाकिस्तानी कमांडर हुजैफा अल बाकिस्तानी के सम्पर्क में था, जिसने कश्मीरी युवाओं को रेडिकलाइज कर आतंकी संगठन ज्वाइन करवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
इन 4 युवकों पर कच्छ के नलिया वायुसेना की डिप्लॉयमेंट की जानकारी और वायुसेना की मूवमेंट सीमा पार पाकिस्तान भेजने का आरोप है। इस काम के लिए ये एयरबेस के आसपास ऊँची जगह पर जाकर फोटो लेते थे और पाकिस्तान भेजते थे।
एक-एक मस्जिद, मदरसे की निगरानी करने को कहा गया है। कुछ भी संदिग्ध मिलने पर एडीजी को तत्काल सूचना भेजने का आदेश दिया गया है। नेपाल की सीमा से सटे जिलों में अचानक से बड़ी संख्या में मस्जिद, मदरसे सामने आए हैं।
हर्ष मंदर के बारे में जाँच-पड़ताल करने पर हमें एक बेहद अज्ञात संगठन API के बारे में पता चला है। कुछ तथ्य मिले हैं जिससे पता चलता है कि यह संगठन इटली सरकार के एक अंग के रूप में काम करता है।
किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।