छोटा शकील ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को नकार दिया है। दाऊद के मुख्य गुर्गा रहे शकील ने कहा कि वो ऐसी कोई भी साज़िश नहीं रच रहा है। उसने कहा कि वो किसी को भी निशाना बनाने नहीं जा रहा है, ये सब झूठ है। हालाँकि, पुलिस को सूचना मिली है कि शकील ने अत्याधुनिक हथियार भी जुटा लिए हैं।
इस कैंप का नेतृत्व आतंकी मसूद अजहर के बेटे यूसुफ अजहर द्वारा किया जा रहा है। इस कैंप में तैयार किए जा रहे 27 आतंकियों में से 8 आतंकी POK से हैं। इनकी ट्रेनिंग इस हफ्ते खत्म हो जाएगी, जिसके बाद ये भारत में आतंकी मनसूबों को अंजाम देने के लिए...
आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। आतंकियों ने श्रीनगर के पारिम पोरा चेक पोस्ट पर हमला कर दिया। इस दौरान सीआरपीएफ के एक जवान वीरगति को प्राप्त हुए।
आतंकी सलाउद्दीन बोधगया और खागड़ागढ़ धमाकों में भी वांछित है। NIA की टीम उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदह, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार जिलों में उसकी तलाश कर रही है।
एक आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकला। उसकी तलाश में सुरक्षा बल व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं। जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर पर यातायात बंद कर दिया गया है। कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
“ये जो आप देख रहे हैं वो CAA का विरोध नहीं है। इनको दर्द है अनुच्छेद 370 का, इनको दर्द है राम मंदिर का, इनको दर्द है बालाकोट एयरस्ट्राइक का। लेकिन इतना मैं बता दूँ कि 200 रुपए के बिजली बिल के लिए अपने देश को मत नीलाम करो।"
CISF के DIG अनिल पांडे ने बताया कि था कि उन्हें मंगलूरू एयरपोर्ट के टिकट काउंटर पर यह बैग मिला, इसमें IED होने के सबूत मिले। इसके बाद पूरे क्षेत्र को खाली कराते हुए बैग को एयरपोर्ट से बाहर निकाल दिया गया।
इससे पहले, चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (CDS) और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने कहा था कि अगर आतंक का ख़ात्मा करना है तो आतंकवादियों से अमेरिका की तरह लड़ाई लड़नी होगी। जैसा कि उन्होंने 9/11 के बाद आतंकियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी।
घंटों चली मुठभेड़ के बाद हिजबुल के 3 आतंकियों को ढेर कर दिया। मारे गए तीन आतंकियों में एक नाम आदिल डार का भी है। जो कुछ समय पहले एसपीओ की नौकरी छोड़ आतंकवादी बना था और पूर्व विधायक अहमद डार के घर से सुरक्षाकर्मियों की राइफल लेकर फरार हो गया था।
साल 2017 में पहली बार कराची जाने के समय राशिद को अपनी कजन से प्यार हो गया और साल 2018 में जब दूसरी बार वो कराची गया तो उसकी मुलाकात ISI एजेंटों से हुई। जिसके बाद उसने बतौर एजेंट काम कर शुरू किया।