खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार आतंकी कैंप पाकिस्तानी पंजाब के मुरीदके, शाकरगढ़ और नारोवाल में हैं। बताया जा रहा है कि कैंपों में काफी तादाद में पुरुष और महिला रहते हैं और ट्रेनिंग ले रहे हैं।
सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सक्रियता के कारण आतंकी अब तक अपने मंसूबों में नाकाम रहे हैं। लेकिन, राष्ट्रीय सुरक्षा के रणनीतिकारों का मानना है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी गुट ठंड बढ़ने पर हमले की कोशिश करेंगे।
चन्ना पिछले महीने से लापता था। वह सज्जाद हैदर के नेतृत्व वाले लश्कर गुट के लिए काम करता था। यह गुट मजदूरों की हत्या सहित कई आतंकी वारदातों में संलिप्त रहा है।
लश्कर ने इन कैंपों के लिए आतंकियों की भर्ती भी शुरू कर दी है। भर्ती स्वात घाटी के पास पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से सटे कबीलाई इलाकों, पेशावर, क्वेटा और इलाका-ए-घैर में की जा रही है।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को तुरंत मौक़े पर बुलाया गया और टर्मिनल-3 के बाहर की सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया। विशेष सेल और ख़ुफ़िया ब्यूरो ने जाँच शुरू कर दी......
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुश्ताक इन पोस्टर्स पर हस्ताक्षर करने के लिए एक और नाम - 'बाबर आज़म' का इस्तेमाल कर रहा है। पंजाब के एक सेब व्यापारी, एक ट्रक ड्राइवर और एक मज़दूर को इन आतंकवादियों ने मार डाला। आतंकवादियों ने कम से कम चार खेतों में आग लगा दी।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा के माछिल क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के करीब हुए सीजफायर में मारे गए शख्स की पहचान मोहम्मद यूसुफ खान के रूप में हुई है। जिनकी उम्र 65 थी। जो 7 लोग घायल हुए हैं, उनमें बच्चे भी शामिल हैं।
किश्तवाड़ और डोडा जिले पूरी तरह से आतंकी मुक्त होने की कगार पर हैं। डोडा में भी अब केवल हरुन वानी ही सक्रिय बताया जा रहा है। डोडा जिला पुलिस पहले ही उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर चुकी है।