वायु सेना ने सरकार को 'हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरों' और 'सिंथेटिक एपर्चर रडार' इमेजरी के 12 पृष्ठ की रिपोर्ट भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए हवाई हमले के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
एके एंटोनी ने कहा है कि उन्होंने राष्ट्रहित में राफेल सौदे में देरी की। राहुल गाँधी कहते रहे हैं कि मोदी ने डील बदल दी। जब डील में देरी हो गई और डील अधूरी ही थी तो हंगामा कैसा? इन्ही एंटोनी ने 2014 में राफेल की देरी के पीछे वित्त की कमी का हवाला दिया था।
सिंह ने यह भी कहा, "अगली बार जब भारत कोई कार्रवाई करे तो जो विपक्षी नेता प्रश्न उठाते हैं, उन्हें हवाई जहाज के नीचे बाँध के ले जाएँ। जब बम गिराया जाएगा तो उन्हें वहीं से टारगेट दिख जाएगा। इसके बाद उनको वहीं पर उतार दें। वे लोग टारगेट की जगहों को गिन लें और वापस आ जाएं।"
उन्होंने कहा कि इस तरह की स्क्रूटनी भविष्य में होने वाले सौदों पर भी प्रभाव डालेगी। बाहरी देशों को ऐसा लगेगा कि भारत को इस प्रकार के सौदों को पूरा करने के लिए टीवी चैनल्स, संसद और फिर अदालत से होकर गुजरना ज़रूरी है।
शहरयार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पाकिस्तान सरकार का ये एक्शन किसी बाहरी दबाव में नहीं हुआ है। ये कार्रवाई सभी प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ की गई है।
लड़ाकू विमान लगातार अभ्यास कर रहे हैं। इतना ही नहीं, स्थानीय प्रशासन ने सीमा पर रहने वाले नागरिकों को पीछे हटने को भी कहा है। सीमा को खाली कराने की कोशिशें जारी है। सशस्त्र बलों ने लाहौर हवाई अड्डे को अपनी कड़ी निगरानी में ले रखा है।
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने आज सुबह ही ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया था कि पाकिस्तान के आतंकवादी लगातार समुद्र के जरिए भारत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के प्रयास कर रहे हैं।
बीकानेर जिले के नाल सेक्टर इलाके में स्थित सीमा पर एक ड्रोन को सोमवार सुबह 11:30 बजे एयर फोर्स ने ड्रोन को मार गिराने के लिए सुखोई-30 एमकेआई का प्रयोग किया। हाल ही में कच्छ में भी ऐसे ही एक ड्रोन को मार गिराया गया था।
इसके अलावा बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कैंप में 300 के आसपास आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी RAW ने भी उपलब्ध कराई थी। सैटेलाइट के जरिए काफी संख्या में आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी भी जुटाई गई थी।
हाल ही में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान सरकार की तरफ से हाफिज सईद के संगठनों पर बैन नहीं लगाया गया है, बल्कि सिर्फ निगरानी रखने की बात कही गई है।