कॉन्ग्रेस पार्टी का कहना है कि न सिर्फ 'अटल टनल', बल्कि उसके कार्यकाल की लाहौल-स्पीति, सोलन और किन्नौर सहित कई जगहों पर लगे शिलापट्ट गायब होने की ख़बरें आ रही हैं।
एक ऐसी इकाई जिससे दुनिया के समय का आकलन लागाया जाता है। इसे साल 1884 में ठीक आज ही मान्यता दी गई थी और 1972 तक यह 'अंतर्राष्ट्रीय सिविल टाइम' का मानक बन गया था।