आंदोलनकारी छात्रों के धरने में अचानक से एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर पहुँच गए। उन्होंने जाते ही छात्रों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट से सम्बन्धित कागज को दिखाते हुए नाराजगी जताई, जिसके जवाब में छात्रों ने कहा कि वायरल हो रही खबर के कारण हम 32 हजार छात्रों को कटघरें में खड़ा नहीं कर सकते।
पाकिस्तान द्वारा जारी वीडियो में आगे कहा गया है- "भारत में ब्राह्मण हिंदुओं के इतिहास को देखते हुए, 'CJ पोस्ट' राणा अयूब की जान की सुरक्षा को लेकर आशंकित है।" ब्राह्मण और हिन्दुओं से घृणा, पाकिस्तान और उसकी राणा अयूब जैसी बहनों के लिए कोई नया विषय नहीं है।
यह उस आज़ादी की माँग है। जिसकी एक झलक पिछले दिनों जामिया और जेएनयू में प्रदर्शनकारियों के हाथों में पकड़े पोस्टरों में दिखाई दी थी। इस आज़ादी की माँग को उन शिक्षकों ने दोहराया है, जिनके ऊपर विश्वविद्यालय के छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की राह दिखाने की ज़िम्मेदारी है।
"हम तुम्हें असली तस्वीर दिखाएँगे। इंशाल्लाह। हिंदुस्तान के झंडे तिरंगे में मौजूद तीन अलग-अलग रंग हैं। जो देश में अलग-अलग धर्मों (हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई) को दर्शाता है। उसमें से ये लोग मुस्लिम को निकालने के चक्कर में हैं। लेकिन, जरा अमित शाह, मोदी, योगी नीचे झाँक कर देखें....."
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने 70 विधानसभा सीटों में से 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी दिल्ली चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि 57 उम्मीदवारों में 11 उम्मीदवार अनुसूचित जाति और चार महिलाएँ शामिल हैं।
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को चंद्रशेखर सशर्त जमानत दी थी। अदालत ने कहा था कि वह चार हफ्तों तक दिल्ली नहीं आ सकेंगे और चुनावों तक धरना-प्रदर्शन से दूर रहेंगे।
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया है। अब उन्हें 1 फरवरी सुबह 6 बजे फाँसी के फंदे पर लटकाया जाएगा।
"कई डॉक्टरों ने अराजक तत्वों के इस गिरोह के हमले का सामना किया है। ये लोग 'जिहादी' हैं। राष्ट्रीय मुद्दों पर आतंकवादियों के समर्थन करते हैं। इन्हें अफ़ज़ल गुरु, इशरत जहाँ का समर्थन करते और भारतीय सेना को गाली देते देखा-सुना जा सकता है।"
"ये बिल्कुल ग़लत है कि उन्होंने समय पर अपना काम किया, 7 साल हो गए घटना हुए, ढाई साल हो गए सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले को, 18 महीने हो गए रिव्यू पेटिशन ख़ारिज हुए, जो काम जेल प्रशासन को और दिल्ली सरकार को करना चाहिए था, वो हमने किया।"
गैर मुस्लिमों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करने वाला मलेशिया कभी खुद को भारत का अच्छा दोस्त बताता था। लेकिन, हाल में कश्मीर से लेकर CAA तक हर मुद्दे पर मुसलमानों का हवाला दे वह अलग राग अलापने लगा था। लेकिन, पाम ऑयल के कारोबार में कटौती होते ही वह बातचीत की राह लौट आया है।