पाँच लाख की डिमांड पूरी न होने पर महिला को तीन तलाक दे दिया। महिला ने एक महीने पहले ही बाबूपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद नूरजादे सउदी अरब भाग गया। जिसके बाद देवर फैसल ने मायके में आकर धमकी देना शुरू कर दिया।
वरुण ग्रोवर ने एक ट्वीट करते हुए जानकारी दी है कि वो मई-जून 2020 में स्टैंडअप कॉमेडी के लिए मशहूर 'ऐसी-तैसी डेमोक्रेसी' के साथ मिलकर अमेरिका में एक टूर करने जा रहे हैं। वरुण ने ट्वीट में लिखा है कि टिकट बुकिंग की जानकारी वो बाद में देंगे लेकिन अभी यह पोस्टर शेयर किया जाना ज्यादा जरुरी था।
अचानक कुछ मुस्लिम युवक बिना साइलेंसर वाली मोटरसाइकल चलाकर हल्ला करने लगे। रात का समय होने के कारण इलाके में रह रहे हिंदुओं को इससे परेशानी होने लगी। उन्होंने आपत्ति जताई तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते मुस्लिम समुदाय के लोगों ने...
तारिक इक़बाल नाम का शख़्स चलते-चलते बर्फ़ के नीचे दब गया था। कई फीट बर्फ उसके ऊपर, शरीर का कोई भी अंग दिख नहीं रहा था। फिर भी सेना के जवानों ने हिम्मत नहीं हारी। बड़ी मेहनत के बाद उसे बर्फ़ से बाहर निकाला जा सका। घटना का वीडियो वायरल हो चुका है।
"करीम लाला अफ़ग़ानिस्तान से आए पठानों के नेता थे। उन्होंने 'पख्तून-ए-हिंद' नामक एक संगठन का नेतृत्व भी किया था। उनसे बहुत से लोग मिलने के लिए जाया करते थे। इसमें कई राजनेता भी शामिल थे। जो भी नेता उनसे मिलने आते थे, उनसे पठान नेता के रूप में मुलाकात करते थे।"
इस मामले में कुछ लोगों ने यह दावा किया कि मंदिर में होने वाले अनुष्ठान में बाधा उत्पन्न करने या उन्हें नष्ट करने के लिए ख़ून का उपयोग किया गया। वहीं, पुलिस को जाँच में पता चला कि ख़ून से लिखा गया नाम इलाक़े के एक किशोर लड़के और लड़की का था।
करीम लाला मूल रूप से अफगानिस्तान से था। उसका असली नाम अब्दुल करीम शेर खान था। उसका परिवार काफी संपन्न था। लेकिन ज्यादा कामयाबी की चाह में वो हिंदुस्तान आया और 1960 से 1980 के बीच में मुंबई अंडरवर्ल्ड का एक बड़ा नाम बन गया। वह मुंबई में कच्ची शराब की भट्ठियाँ और जुए के अड्डे चलवाता था।
कॉन्ग्रेस नेता विक्रांत चव्हाण। विवादों से पुराना नाता। 2015 में एक बिल्डर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित। कुछ समय जेल में। इसके बाद 3 पार्षदों, नेताओं और बिल्डरों का नेक्सस बनाने का आरोपित। अघोषित संपत्ति के कारण इनके घर पर पड़ चुकी है रेड। लेकिन कॉन्ग्रेस ने फिर भी टिकट दिया।
"मुझे बूढ़ा तो नहीं होना है, लेकिन मैं खुश हूँ। मैं अपने दिमाग से क्लियर हूँ। मुझे ज्यादा यंग लगने को कोई प्रेशर है ही नहीं। जब तक काम मिलता है, मिलता रहेगा, जब रिटायर करेंगे तो रिटायर हो जायेंगे, चिल करेंगे।"
हाल ही में मुंबई में हुए एक विरोध प्रदर्शन में एक लड़की द्वारा "फ्री कश्मीर" का पोस्टर लहराने पर उसके ख़िलाफ में केस दर्ज किया गया था। हालाँकि, बाद में जेएनयू छात्रों ने सफाई देते हुए कहा कि वो कश्मीर में फ्री इंटरनेट को लेकर लिखा गया था, लेकिन अब आइशी घोष खुद इसे लेकर खुलकर सामने आ गई हैं।