कॉन्ग्रेस, RJD, झामुमो और CPI-ML के गठबंधन पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और माओवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए, योगी ने कहा, "कॉन्ग्रेस, RJD, झामुमो और CPI-ML की नीतियों ने चरमपंथ को बढ़ावा दिया है और उन्हें व्यापक नुकसान पहुँचाने में सक्षम बनाया है।"
उस समय बजरंग दल व अन्य हिन्दू संगठनों ने उनकी मदद की। उपायुक्त ने भी उन्हें वहाँ रहने की छूट दे दी। इसके बाद वे वर्ष 2006 में रोहतक से फतेहाबाद के रतिया क़स्बे के निकट गाँव रतनगढ़ में आकर रहने लगे। यहाँ वो पिछले 13 सालों से रह रहे हैं।
पुलिस ने लड़की का मेडिकल कराने के बाद पीड़िता के बयान पर आईपीसी की धारा 342, धारा 366ए, धारा 376 के अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और धारा 17 में मामला दर्ज कर शाहबुद्दीन गाजी और उसकी पत्नी रेहाना बीवी को गिरफ्तार कर लिया।
“ममता राज में सरकारी अधिकारी इस हाल में हैं। बेलडांगा (मुर्शिदाबाद) के विकासखंड अधिकारी सरकारी काम से सिलीगुड़ी गए थे, तब उनके ऑफिस को 10,000 मुस्लिमों की भीड़ ने घेर लिया और आग लगा दी। उनकी पत्नी ने किसी तरह जान बचाई। जब अधिकारियों के ये हाल हैं,तो जनता की बेबसी समझी जा सकती है।”
कुलपति ने मामले की जाँच के लिए एक कमेटी भी बना दी है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि इन दोनों प्रोफ़ेसरों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाएँ। साथ ही छात्रों ने कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत अफ़वाहें भी उड़ाई जा रहीं हैं।
पुलिस ने फ़ुफ़ेरे भाई के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि चूँकि वह खुद भी नाबालिग है, अतः उसे किशोर न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा।
1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से भी इस स्थल का 15 अगस्त, 1947 को मूल स्वरूप हिन्दू मंदिर ही था। इस धार्मिक स्वरूप की तस्दीक करने और ऐतिहासिक परिस्थितियों के साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है।
मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा एक जिला है। जहाँ आज जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। साथ ही पश्चिम बंगाल से पुलिस बल पर पत्थरबाजी और आगजनी की खबर भी आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह टायर जलाकर सड़क जाम किया तो कई जगह सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।