मुनीर का कई घोटालों और विवादों से नाता रहा है। 2003 में मुशर्रफ ने उन्हें यूएन में स्थायी प्रतिनिधि बनाया था। उस वक्त वे अपनी 35 वर्षीय गर्लफ्रेंड पर हमला कर विवादों में आए थे। बाद में जरदारी ने मुनीर को इस पद से हटा दिया।
छात्र संघ ने निदेशक को चेतावनी दी थी कि एनआईटी मेघालय में भगवान गणेश की मूर्ति को मुख्य रूप से परिसर में स्थापित करने के फैसले से ईसाई बहुमत वाले राज्य में ‘सांप्रदायिक तनाव’ पैदा हो सकता है।
तृणमूल के कई नेताओं ने दुर्गा पूजा कमिटियों के अभिभावक का दर्जा ले रखा है और वे अपने स्थानीय इलाक़ों में पार्टी के रसूख का इस्तेमाल करते हुए शर्तें तय करते हैं। वामपंथी पार्टियों का भी दुर्गा पूजा पंडालों के पास स्टॉल लगा कर अपने साहित्य और पर्चे बाँटने का पुराना इतिहास रहा है।
पिछले साल भारत ने रूस से 5.2 बिलियन डॉलर के एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का करार किया है। अमेरिका की तरफ से धमकी दिए जाने के बावजूद भारत ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
"अरुण हमेशा से एक परोपकारी रहे हैं। अपने कानूनी पेशे या राजनीति में उन्होंने जो भी सफलता हासिल की उनका मानना था कि यह उन्हें गुरु, सहयोगियों के समर्थन और दोस्तों, रिश्तेदारों की शुभकामनाओं के कारण मिली है। वह हमेशा जरुरत के समय हर किसी की मदद के लिए खड़े रहे।"
नामांकन के बाद भाजपा की एक सभा हुई। इस सभा में विजय राजभर अपने सब्जी बेचने वाले पिता से गले मिल फूट-फूट कर रोने लगे। इस दृश्य को देख कर वहाँ मौजूद लोगों की आँखें भर आईं। मंत्री अनिल राजभर ने सब्जी बेचने वाले नन्दलाल राजभर को पूरे सम्मान के साथ मंच पर बिठाया।
पाकिस्तान में असुरक्षा को लेकर लोगों का कहना है कि बिना हाई सिक्योरिटी के ये कोई आयोजन नहीं कर सकते हैं और दूसरे की जगह के लिए लड़ाई करने चले हैं। अगर ये आतंकवाद पर कोई कदम लेते तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता।
अर्जुन के पिता की आर्तिक हालत बेहद ही खराब है। परिवार को सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिलता है और राशन कार्ड न होने की वजह से राशन भी उचित दाम पर नहीं मिलता है।
वह बंगलौर के आर्मी हॉस्पिटल में बतौर पैरामेडिक कार्यरत था। रिटायर होने के बाद उसने 2 नर्सिंग होम खोले और स्वास्थ्य केंद्र में नौकरी करने लगा। वह आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार से ₹14 लाख प्राप्त कर चुका है। जानिए कैसे रंगदारी के एक मामले ने खोली फ़र्ज़ी डॉक्टर की पोल!
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं कि दिनदहाड़े पत्रकार के पीटे जाने के बाद भी बात-बे-बात पर शोर मचाने वाली लिबरल गैंग मौन है क्योंकि यहाँ शासन कॉंग्रेस का है, सत्ता में कमलनाथ और आरोपित कॉन्ग्रेस नेता गोविंद सिंह.......