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10 साल, 70000 ऑपरेशन: ₹40 लाख की रंगदारी के मामले ने खोली फ़र्ज़ी डॉक्टर की पोल, गया जेल

......जब पुलिस डॉक्टर खुराना के पास पहुँची, तो उन्होंने ओमपाल की सच्चाई बाहर लाते हुए सारे दस्तावेज पुलिस के सामने रख दिए। ओमपाल के ख़िलाफ़ विभागीय जाँच भी शुरू कर दी गई है। इससे पहले उसके अस्पताल में फायरिंग की घटना भी हो चुकी है। उस वक़्त भी वह ख़बरों में आया था।

सहारनपुर में पुलिस ने एक फ़र्ज़ी डॉक्टर को गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार डॉक्टर ओमपाल शर्मा 2 नर्सिंग होम चला रहा था और साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कार्यरत था। ओमपाल को जेल भेज दिया गया है। वह आर्मी अस्पताल से रिटायर है और पेंशन भी ले रहा है। पिछले माह उसने 40 लाख की रंगदारी माँगे जाने का मामला दर्ज कराया था। जाँच के दौरान उसने राजेश आर नाम से एक एमबीबीएस की डिग्री भी दिखाई। साथ ही उसने कर्नाटक मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन का प्रमाणपत्र भी दिखाया। वह बंगलौर स्थित एयरफोर्स के आर्मी हॉस्पिटल से 2008 में ही रिटायर हो चुका है। वहाँ वह बतौर पैरामेडिक तैनात था।

ओमपाल ने जिन राजेश आर के नाम से फ़र्ज़ी डिग्री बनाई थी, वह बंगलौर में प्रैक्टिस करते मिले। पुलिस को तहकीकात के दौरान पता चला कि ओमपाल ने 1995 में एक शपथपत्र देकर अपना नाम राजेश रख लिया था। आरोपित ओमपाल ने दावा किया है कि अब तक वह 70,000 ऑपरेशन कर चुका है। उस पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। उसने प्रसव से लेकर गाल ब्लैडर तक के ऑपरेशन कर रखे हैं। हालाँकि, उसने अब तक कितने ऑपरेशन किए हैं, इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन, इस बात की पुष्टि ज़रूर हो गई है कि वह काफ़ी ऑपरेशन करता था।

फ़र्ज़ी डॉक्टर ओमपाल जनरल लैपो सर्जरी भी किया करता था। वह बंगलौर में जब सर्जेंट के पद पर तैनात था, तभी ऐसे खुराफाती विचार उसके दिमाग में आए और उसने अपने ससुराल सहारनपुर के नागल में आकर प्रैक्टिस शुरू कर दी। वह आयुष्मान योजना के तहत भी रजिस्टर्ड है और इसके अंतर्गत 14 लाख रुपए का भुगतान भी हासिल कर चुका है। जाँच पूरी होने तक उसके ‘शिवम नर्सिंग होम’ का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है और उसे स्वास्थ्य केंद्र से भी निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल, ओमपाल की पोल खुलने के पीछे उससे रंगदारी माँगे जीने वाली ख़बर का हाथ है। ओमपाल ने इस बाबत पुलिस में मामला दर्ज कराया था और साथ ही शक के आधार पर आरोप लगाया था कि रवि खुराना नामक एक अन्य डॉक्टर के इशारों पर यह सब हो रहा है। जब पुलिस डॉक्टर खुराना के पास पहुँची, तो उन्होंने ओमपाल की सच्चाई बाहर लाते हुए सारे दस्तावेज पुलिस के सामने रख दिए। ओमपाल के ख़िलाफ़ विभागीय जाँच भी शुरू कर दी गई है। इससे पहले उसके अस्पताल में फायरिंग की घटना भी हो चुकी है। उस वक़्त भी वह ख़बरों में आया था।

वर्ष 2016 में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में उसके नर्सिंग होम में तोड़फोड़ की थी। एक महिला की डिलीवरी के दौरान उसकी तबियत बिगड़ गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने डॉक्टर पर आरोप लगाए थे और उसके पति ने ओमपाल के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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