कमरुद्दीन की गुरुवार शाम आरोपितों के साथ बहस हुई थी। उनलोगों ने उसे मारने की धमकी दी। बाद में उसे सलामताबाद जोहर मस्जिद के पास कल्लू स्टेडियम रोड पर पकड़ लिया और धारदार हथियार से वार किए। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस आरोपितों को पकड़ने में सफल रही।
"हमने बार-बार पाक से कहा है कि वह अपनी सेनाओं से 2003 के सीजफायर समझौते का पालन करने और नियंत्रण रेखा तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कहे। भारतीय बल अधिकतम संयम बरतते हैं और आतंकवादी घुसपैठ पर जवाब देते हैं।"
ताज़ा खुलासे से पता चलता है कि प्रशांत किशोर की कम्पनी ममता बनर्जी की तृणमूल के लिए सोशल मीडिया में एक बड़ा इकोसिस्टम खड़ा कर रही है, जिसमें कई डिजिटल पोर्टल्स और 'इन्फ्लुएंसर्स' शामिल हैं। यह सब रुपयों के दम पर किया जा रहा है।
इंग्लैंड में इंडो-यूरोपियन कश्मीर फोरम और हिंदू काउंसिल यूके ने बर्मिंघम के विक्टोरिया स्क्वायर में अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त किए जाने का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी प्रदर्शन किया गया।
पुलिस ने बताया कि इस ग्रुप के सदस्य बंदूक और विस्फोटकों के बारे में बातें किया करते थे। खुफिया दल को सूचना मिली थी की तीनों बांग्लादेशी हैं और उनके आतंकियों से संबंध हैं। जॉंच से पता चला कि तीनों संदिग्ध पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।
"मैं पाकिस्तान गया हूँ। वहाँ के लोगों में मेहमाननवाजी कूट-कूट कर भरी है।पाकिस्तान के बारे में गलत चित्र पेश किया जा रहा है कि वहाँ लोग खुश नहीं हैं। यहाँ (भारत) सरकार राजनीतिक लाभ लेने के लिए पाकिस्तान के बारे में झूठी खबरें फैला रही है।”
पाकिस्तानी प्रोपगेंडा का राग अलापते हुए इमरान ने कहा, "कश्मीर में 80 लाख मुस्लिम पिछले लगभग छह सप्ताह से कैद हैं। भारत पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगा दुनिया का ध्यान इस मुद्दे से भटकाना चाहता है।"
जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुँचे। स्कूल में काफी देर तक जाँच-पड़ताल की गई, लेकिन मौके पर कुछ भी संदिग्ध सामान नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि यह काम किसी शरारती तत्व का लगता है।
32 साल की उम्र में विश्वेश्वरैया ने सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी भेजने की योजना तैयार की थी। उन्हें 'कर्नाटक का भागीरथ' भी कहा जाता है। उन्होंने बॉंध से पानी के बहाव को रोकने के लिए स्टील के स्वचालित द्वार और सिंचाई के लिए ब्लॉक सिस्टम विकसित किया जो इंजीनियरिंग का अद्भुत कारनामा माने जाते हैं।
“मेरे पीछे कई दिनों से गुंडा तत्व लगे हुए हैं। कई बार मुझे धमकाते हैं, तो कई बार मेरी गाड़ी के आगे-पीछे गाड़ी लगाकर धमकाते हैं। कई बार तो मेरी गाड़ी के आगे-पीछे गाड़ी लगाकर डराने का प्रयास करते हैं। इन गुंडा तत्वों को टीकाराम जूली का संरक्षण प्राप्त है।”