हरीश जाटव मंगलवार को अलवर जिले के चौपांकी थाना इलाके में फसला गाँव से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक से हकीमन नाम की महिला को टक्कर लग गई। जिसके बाद वहाँ मौजूद भीड़ ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीटा।
हत्या से जुड़े 10, सामूहिक बलात्कार के 4 और दंगों के 26 मामलों के आरोपितों को अदालत ने बेगुनाह माना। सरकारी वकील के हवाले से बताया गया है कि अदालत में गवाहों के मुकरने के बाद अब राज्य सरकार रिहा आरोपितों के संबंध में कोई अपील नहीं करेगी।
महिला के अनुसार, जब उसने पुलिसवालों को रोकने का प्रयास किया तो उसे बिजली के झटके दिए गए और पेट्रोल डालकर जला देने की धमकियाँ देकर डराया गया। उसे इतना पीटा गया कि उसकी आँखों, गले और हाथों से खून बहने लगा।
केन्द्र और असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- "हमें एनआरसी में शामिल लोगों के लिए नमूना सत्यापन की प्रक्रिया पर फिर से विचार करने की जरूरत है।” केन्द्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि अवैध घुसपैठियों को हर हाल में अपने देश वापस जाना ही होगा।
राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए दूसरी बार 6 बजे तक की डेडलाइन दी थी। कुमारस्वामी ने कहा कि राज्यपाल का वे सम्मान करते हैं, लेकिन उनके दूसरे प्रेम पत्र (डेडलाइन) ने उन्हें आहत किया है।
तिरंगे को उल्टा रखने के साथ ही ट्विटर यूज़र्स ने सजा भोग रहे संजीव भट्ट की पत्नी और बच्चे से मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि संजीव भट्ट के लिए 'Detention' शब्द इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, क्योंकि वे एक अपराधी हैं और उन्हें इसके लिए सजा मिली है।
गुड़िया जब ज़मीन पर गिर तो हमलावरों ने उस पर कार चढ़ा दी। गुड़िया को बचाने के लिए दौड़ी ताहिरा खातून को भी हमलावरों ने गाड़ी से रौंद दिया। इसके बाद हमलावर घटनास्थल से फ़रार हो गए।
उप-ज़िला अस्पताल, बिजबेहारा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शौकत ने बताया कि अहमद के सीने में गोली के घाव थे और उसे मृत अवस्था में यहाँ लाया गया था। अज्ञात हमलावर ने अहमद की एके-47 भी छीन ली।
अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने अदालत के समक्ष मोइत्रा का एक वीडियो चलाया, जिसमें वे ज़ी न्यूज़ को ‘चोर’ और ‘पेड न्यूज़’ कह रही हैं। अग्रवाल ने अदालत को बताया कि मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के मालिक को चोर और चैनल से जुड़े लोगों को 'अशिक्षित' और 'बुड़बक' कहा था।