छात्रा ने पुलवामा हमले को सही ठहराया था। उसने पुलवामा में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों का अपमान करते हुए सोशल मीडिया पर एक स्टेटस लगाया था। सूचना मिलते ही सैकड़ों छात्रों ने उस पर कार्रवाई की माँग की।
पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के भारत के कूटनीतिक प्रयासों को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन आतंकी मसूद अज़हर को प्रतिबंधित करने के लिए सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाएँगे।
भैंस, गधे और कार बेचकर पैसे जुटाने वाले प्रधानमंत्री को यह सोचना चाहिए कि बंदूक़ों और आरडीएक्स के साथ-साथ आतंकियों को सैलरी पर रखना पाकिस्तानी हुकूमत की अजीबोग़रीब नीतियों की तरफ इशारा करता है।
हमने कई सारे इनिशिएटिव लिए हैं ताकि युवा इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनें और शांति के प्रयास में हमारा साथ दे सकें। मेरे परिवार के कुछ सदस्य आतंकियों द्वारा पिछले कुछ सालों में मारे जा चुके हैं और यह बताता है कि यहाँ मेरी ज़िंदगी को कितना ख़तरा है।
सवाल यह है कि इतने सालों तक अमरीकी फ़ौज की मौजूदगी होते हुए भी अफ-पाक सीमा पर से आतंकवादियों का ख़ात्मा क्यों नहीं हो सका? उप विदेश मंत्री करज़ई इसके कारण बताते हुए लिखते हैं कि इन आतंकियों को ‘स्टेट’ (अर्थात पाकिस्तान) द्वारा संरक्षण प्राप्त है।
पकिस्तानी पक्ष ने चन्दन नंदी द्वारा 'दी क्विंट' में लिखे गए एक लेख का भी सहारा लिया। इस लेख में नंदी ने दावा किया था कि जाधव के पास दो पासपोर्ट थे- एक उनके असली नाम से, और एक हुसैन मुबारक पटेल के नाम से।
बलिदान हुए 40 जवानों में से 23 सीआरपीएफ कर्मियों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ था और इसी दिशा में बैंक ने तत्काल प्रभाव से बकाया कर्ज माफ़ करने का निर्णय किया है।
प्रियंका ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के सख्त चेतावनी दी है कि अगर कोई भी कार्यकर्ता विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया गया तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
फेसबुक पर शाहनवाज की आपत्तिजनक टिप्पणी की जानकारी मिलते ही लोग बेकाबू हो गए। चारो तरफ से दबाव बढ़ता देख पुलिस सक्रिय हुई और एक स्पेशल टीम को मुंबई भेज कर शाहनवाज को गिरफ़्तार किया गया।