जैसे ही मैं हवाई अड्डे से बाहर निकलकर पार्किंग की तरफ़ बढ़ने लगा दीवारों पर लगी पान की पीक और बनारसी लोगों के अल्हड़ अंदाज़ को देखकर मुझे अहसास हो गया कि मैं सच में मस्तमौला बनारसी लोगों के बीच पहुँच गया हूँ।
30 अक्टूबर और 2 नवम्बर 1990, आज़ादी के बाद के इतिहास कि वह दो काली तारीखें है, जब रामजन्मभूमि पर खड़े निहत्थे कारसेवकों पर सेक्युलर स्टेट ने गोली चलवाई थी।
मोदी ने कहा, “यह दृश्य देखकर मुझे समझ आ रहा है कि दीदी हिंसा पर क्यों उतर आई हैं। यह आपका प्यार है कि लोकतंत्र के बचाव का नाटक करने वाले लोग लोकतंत्र की हत्या करने पर तुले हुए हैं।”
अमेरिका के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि सभी छात्र जानबूझकर इस फर्ज़ीवाड़े में शामिल हुए हैं, उन्हें पता था कि यहाँ कोई शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं चलेंगे
आरोपी अब्दुल मतीन पश्चिम बंगाल के बर्दवान में हुए विस्फोट के मुख्य अभियुक्तों में से एक था। इस हमले के पीछे जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) का हाथ होने का संदेह था और इसी आतंकी संगठन से मतीन के संबंध हैं।