अगर आप हिंदू हैं और अपने धर्म के बारे में लिखते, पढ़ते और बोलते हैं तो आप असहिष्णुता और कट्टरता का चेहरा हैं। आप विशेष मजहब से हैं और गंद भी परोस रहे हैं तो आप देश का वो अल्पसंख्यक चेहरा हैं जो बेचारा खुद के अस्तित्व को बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहा है।
अब्दुल बासित द्वारा रीट्वीट की गई तस्वीरों में पोर्न स्टार जॉनी सीन्स की तस्वीरें दिखाई गई हैं, जो कि बिना किसी शक के कश्मीरी नागरिक नहीं है। इस तस्वीर में दिखाया गया है कि यूसुफ़ अनंतनाग का रहने वाला है, जिसकी आँखों की रौशनी पेलेट गन्स की वजह से चली गई।
क्या रोमिला थापर जेएनयू जैसे बड़े संस्थानों के नियम-क़ायदों से ऊपर हैं? क्या वह किसी संस्था में उसके नियम-क़ानून का पालन किए बिना बने रहना चाहती हैं। आख़िर उनके के पास ऐसा क्या है कि जेएनयू उनके कहे अनुसार अपना काम करे?
कॉर्पोरेट को समझना होगा कि उसके एजेन्डाबाज और राजनीतिक रूप से वामपंथी झुकाव वाले प्रोफेशनल किसी मुद्दे का समाधान करने की कोशिश नहीं कर रहे। यही कारण है कि मूल व्यवसाय से ज्यादा ऐसी फ़िज़ूल की गतिविधियों में ऊर्जा खपाना धंधे पर भारी पड़ रहा है।
साहो फिल्म में नील नितिन मुकेश ने भी काम किया है। उन्हीं को लेकर साहो फिल्म पर अपनी राय देते हुए अंकुर पाठक ने लिखा- "ये 2019 है, और फिल्म प्रोड्यूसर्स अभी भी नील नितिन मुकेश को फिल्मों में एक्टिंग करने के लिए पेमेंट दे रहे हैं? मुझे जवाब चाहिए।
शिक्षिका ने जब आरती करने के लिए कहा तो दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों ने मना कर दिया, क्योंकि वे ईसाई हैं। शिक्षिका ने उनके अभिवावकों को समझाने की कोशिश की कि अगर वे महज़ आरती से इतना बिदक रहे हैं, तो भरतनाट्यम सीखेंगे कैसे?
चकल स्क्वाड नाम के एक ग्रुप ने हैकिंग की जिम्मेदारी ली है। जैक का अकाउंट हैक होने के बाद उससे हिटलर के समर्थन और नाजी जर्मनी पर ट्वीट किए गए। एक और ट्वीट में हैकर्स ने ट्विटर के हेडक्वार्टर में बम होने की अफवाह भी उड़ाई।
बिहार कॉन्ग्रेस MLA सुधीर कुमार उर्फ़ बंटी चौधरी और उनकी पत्नी का एक #TikTok वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वो मशहूर कॉमेडियन सुनील ग्रोवर के गाने 'मेरे हसबैंड मुझको प्यार नहीं करते' पर एक्टिंग कर रहे हैं।
विजयता ने अपनी बात को साबित करने के लिए इस रिपोर्ट में वरिष्ठ सरकारी सूत्रों का हवाला दिया। लेकिन उन्होंने इस रिपोर्ट में किसी अधिकारी का नाम नहीं बताया। उन्होंने बस हवा में दावा कर दिया कि सुरक्षाबलों ने 36 लोगों को प्रदर्शन के दौरान घायल किया।
दो-चार कठमुल्ले पाकिस्तान का झंडा लेकर सड़क बंद करने खड़े तो हो गए, लेकिन उनकी कोई सुन ही नहीं रहा था। यहाँ तक कि सामने से आ रहीं गाड़ियों के न रुकने पर वे खुद कुचले जाने से बचने के लिए इधर-उधर सरकते नज़र आए।