इस बात पर राहुल गाँधी ने कहा कि वो ट्रैफिक वालों से विक्रम की सेटिंग करवा देंगे, उनके पास ATM वाला 2000 का नोट है। अमित शाह ने कहा कि किसी भी सूरत में कॉन्ग्रेस को सिवाय देश की बर्बादी के, दूसरी किसी भी बात का क्रेडिट लेने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि विक्रम मिस्ड कॉल देगा और भाजपा कार्यकर्ता बनेगा।
"प्रिय NDTV, ये शीर्षक गुमराह करने वाला है और तस्वीर से मेल नहीं खाता। हमें मुस्लिमों से प्यार है लेकिन जो नीचे तस्वीर में पगड़ी पहनकर आदमी खड़ा है वो मैं हूँ और मैं एक सिख हैं। तुमने बहुत बड़े स्तर पर सिखों और उनकी पगड़ी की जहालत की हैं। कृपा करके अब इस तस्वीर को हटाएँ और इस खबर का भी शीर्षक ठीक करें।"
"पीएम मोदी ने जो समर्थन और प्रेम इसरो वैज्ञानिकों के प्रति दिखाया है, यही हर अभिभावक को अपने बच्चों के प्रति दिखाना चाहिए, जब वो अपने लक्ष्य से चूक जाते हैं। इस तरह के पल हमें अपने देश से दोबारा प्यार करने पर विवश कर देते हैं।"
स्मार्टफोन के युग में अब यह बताने के लिए किसी को कंप्यूटर साइंस करने की जरुरत नहीं है कि शादी और बीवी के बाद 40 GB का स्पेस कैसे बच जाता है। पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी के इस ट्वीट लोगों ने न सिर्फ उसका बल्कि पूरे पाकिस्तान का मजाक उड़ाया।
पाकिस्तान के विज्ञान और टेक्नॉलजी मंत्री फवाद चौधरी ने नवंबर 06, 2013 को एक ट्वीट में लिखा था- "We make world's best suicide bombers" यानी, "हम दुनिया के सबसे बेहतरीन आत्मघाती बम बनाते हैं।"
सिर्फ एक मीडिया हाउस के वीडियो पर हाहा रिएक्शन देने वाले लोगों के नाम देखिए। इनकी संख्या क़रीब हज़ार में है लेकिन 90% से भी ज्यादा लोगों की ख़ासियत यह है कि 'इनका कोई मज़हब नहीं है'।
नून-टिमाटर वाले देश के लोग भी कल रात जाग रहे थे। भूखे पेट भला नींद आए भी तो कैसे! उसी देश का एक मंत्री है - वो भी विज्ञान व तकनीक मंत्री। नाम है फवाद चौधरी। आज उसके कान से खून बह रहा होगा क्योंकि...
नए ट्रैफिक नियमों की घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक चुटकुलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें लोग बढ़ाए गए जुर्मानों का अपने-अपने अंदाज में विरोध भी कर रहे हैं और उसके मजे भी ले रहे हैं।
इमरान के खुद के देश में बालाकोट के बाद जो उसकी छवि बनी है, उससे यह कयास जरूर लगाया जा सकता है कि यह साबुन अब शायद ही कोई नहाने के लिए इस्तेमाल करता होगा। हाँ, संडास से आने के बाद हाथ धोने के लिए शायद!
कविता कृष्णन ने साहिल का नाम देखा और उसे मुस्लिम समझकर प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। इसके बाद कई लोगों ने कविता कृष्णन की खिंचाई करते हुए खबरों की पुष्टि कर लेने की नसीहत दी।