वीडियो में अभिसार शर्मा सरकार के कथित 'दोहरे मापदंड को एक्सपोज' करते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि एक ओर यह सरकार गाय की बात करती है जबकि दूसरी ओर बीफ एक्सपोर्ट का यह आँकड़ा हमारे सामने है। इसके बाद अभिसार शर्मा एक सूची के जरिए ये बताते नजर आ रहे हैं कि बीफ एक्सपोर्ट में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।
जब से इसकी शुरुआत हुई थी, तभी से हिन्दू-विरोधी प्रोपेगंडा के सबसे मुखर स्वरों में इसकी गिनती होने लगी थी। जिस भी अपराध में आरोपित हिन्दू हो और पीड़ित गैर-हिन्दू, वह अपने-आप 'Hate Crime' हो जाता था लेकिन इसी के उलट वाले मामलों में लीपापोती करते थे।
गौतम गंभीर को जीप से बाँधे जाने का यह मीम तथ्यात्मक रूप से झूठा है। झूठ तो यह भी है कि PM मोदी चोर हैं, क्योंकि किसी अदालत में भी ऐसा कोई मामला नहीं। तो इन दोनों मामलों में शेहला के साथ कानून क्या करे?
पटनायक दावा करते हैं कि वेदों में कहीं भी भगवान शिव का ज़िक्र ही नहीं है। इसके बाद भारतीय इतिहास के बारे में ट्वीट करने वाला मशहूर ट्विटर हैंडल 'true Indology' ने उन्हें पलट कर जवाब में वह वैदिक ऋचा बता दिया, जिसमें भगवान शिव को उनके अन्य नामों शम्भु, शंकर, पशुपति के अलावा "शिव" नाम से भी नमस्कार किया गया है।
'The Wire' के झूठ की पोल खोलते हुए दूरदर्शन के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने कश्मीर में छप रहे अख़बारों के न केवल नाम गिनाए, बल्कि उनकी तस्वीरें भी दिखाईं।
एक यूजर ने तो उनकी इस गलती को उनके बुढ़ापे का असर बताया और कहा कि टोपी लगाकर रोजा खुलवाने जाने वालों को मुस्लिमों के त्यौहार का भी मालूम नहीं है। ये पावन नहीं मातम है।
हड़प्पा वैदिक नहीं था, जबकि वैदिक जो थे वो हड़प्पन ही थे। क्योंकि हड़प्पा सभ्यता पुरानी और वेद बाद में आया। हड़प्पा में दफनाने को प्राथमिकता दी जाती थी जबकि वेद में दाह संस्कार। हड़प्पा सिंधु-सरस्वती के किनारे समृद्ध हुई है जबकि वेद गंगा-यमुना के किनारे। दोनों का हिदू धर्म में योगदान हैं। स्पष्ट!"
इस बात पर राहुल गाँधी ने कहा कि वो ट्रैफिक वालों से विक्रम की सेटिंग करवा देंगे, उनके पास ATM वाला 2000 का नोट है। अमित शाह ने कहा कि किसी भी सूरत में कॉन्ग्रेस को सिवाय देश की बर्बादी के, दूसरी किसी भी बात का क्रेडिट लेने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि विक्रम मिस्ड कॉल देगा और भाजपा कार्यकर्ता बनेगा।
"प्रिय NDTV, ये शीर्षक गुमराह करने वाला है और तस्वीर से मेल नहीं खाता। हमें मुस्लिमों से प्यार है लेकिन जो नीचे तस्वीर में पगड़ी पहनकर आदमी खड़ा है वो मैं हूँ और मैं एक सिख हैं। तुमने बहुत बड़े स्तर पर सिखों और उनकी पगड़ी की जहालत की हैं। कृपा करके अब इस तस्वीर को हटाएँ और इस खबर का भी शीर्षक ठीक करें।"