इस फ़ोटों के लिए आर माधवन को लिबरल्स गैंग द्वारा ट्रोल किया जा रहा है। उनके अनुसार, जनेऊ, यज्ञोपवीतम या जिसे तमिल में पूनल कहा जाता है, जातिवाद का प्रतीक है और माधवन को अपने पूर्वजों की परंपराओं को बनाए रखने के लिए ख़ुद पर शर्म आनी चाहिए।
The Kashmir Files की शूटिंग कश्मीर में ही होगी। यह प्रधानमंत्री की उस अपील के मुताबिक होगा, जिसमें उन्होंने मनोरंजन उद्योग से कश्मीर में शूटिंग को बढ़ावा देने की गुज़ारिश की थी।
एक ट्विटर यूजर में पाकिस्तान में महँगे होते टमाटरों पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि पाकिस्तान में लड़की को प्रोपोज करने के लिए अँगूठी नहीं बल्कि टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है। एक ने लिखा कि आपने तो ब्लड बैंक को छोड़ हर बैंक से लोन ले रखा है।
कुछ लोगों का कहना है कि लिबरल पत्रकार जिस डर की बात कर रहे थे, प्रियंका गाँधी के गुंडे बस यही समझा रहे हैं। वहीं कुछ यूज़र्स का मानना है कि पत्रकार को प्रियंका वाड्रा के से सवाल नहीं करना चाहिए था क्योंकि उन्होंने मना कर दिया था।
किसी ट्विटर यूजर ने क्रिस्टीन को याद दिलाया कि अयूब तो भारतीय है। लेकिन, क्रिस्टीन फेयर ने आरोप लगाया कि राणा अयूब भारतीय होने के बावजूद आईएसआई की कठपुतली की तरह व्यवहार करती हैं।
NDTV खुद अपने अलावा और किसी को यह धोखा नहीं दे रहा कि ऐसे संदिग्ध संस्थान से कोई अवॉर्ड लेकर और उसपर इतरा कर उसने अपनी खोई हुई विश्वसनीयता को वापिस हासिल कर लिया है।
अनुराग उन 49 सेलिब्रिटीज में भी शामिल थे जिन्होंने हाल में मोदी को दलितों और अल्पसंख्यकों पर बढ़े कथित जुल्म, हेट क्राइम, मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर पत्र लिखा था। इस पत्र में 'जय श्री राम' उन्माद का नारा बताया गया था।
कॉन्ग्रेस के भीतर कुछ लोगों का मानना है कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में अगर कोई ग़ैर-गाँधी पद पर आसीन होगा तो पार्टी टूट जाएगी। बता दें कि पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा जैसे नाम भी इस दौड़ में शामिल थे।
कश्मीर में अनुच्छेद-370 के कुछ प्रावधानों के निष्क्रिय होने के बाद से पाकिस्तानियों को ज़ाहिर तौर पर सदमा लगा है। और इसी सदमे की प्रतिक्रिया में इमरान खान सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनका आखिर में नुकसान हमेशा की ही तरह उन्हें ही उठाना पड़ेगा।
जम्मू-कश्मीर पर फैसला आने के बाद सक्रिय हुए पाकिस्तानी कलाकारों की सूची में आतिफ असलम, वीना मलिक, माहिरा खान जैसे कई नाम शामिल हैं। ये वह लोग हैं जिन्होंने नाम और शोहरत भारत से कमाई लेकिन जब बात अपने मुल्क की आई तो कर्मभूमि भारत पर शाब्दिक हमला करने से ये नहीं चूँके।