इस ट्विटर हैंडल को संचालित करने वाले को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का विशेष सहायक बताया जा रहा है। यहाँ तक कि खुद पाकिस्तान मीडिया ही उस फोटो को सचिन तेंदुलकर की बता रही है इसी वजह से पाकिस्तान के लोग ही अब उन्हें ट्रोल करने लग गए हैं।
अभिनेता और नेता परेश रावल ने भी इसको लेकर ट्वीट किया है। परेश रावल ने ट्वीट में लिखा है, "हाँ, ये नया इंडिया है राहुल जी, जहाँ कुत्ते भी आपसे ज्यादा होशियार हैं।"
वायरल वीडियो के चलते ट्विटर पर इस समय सानिया मिर्जा और पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक एक-दूसरे को जवाब देने में लगी हुई हैं। यह बात तब शुरू हुई जब वीना मलिक ने सानिया मिर्जा, उनके पति शोएब और बेटे के साथ जंक फूड खाते हुए वायरल वीडियो पर कमेंट किया।
एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक पाकिस्तानी लड़की पूरी पाकिस्तानी टीम को एक साथ खड़े करके मार देने की बात कहती है। वो कहती है कि जिस तरह से हिटलर ने अपनी पूरी टीम को एक साथ खड़ा करके मार दिया था, उसी तरह पूरी पाकिस्तानी टीम को एक साथ खड़े करके मार देना चाहिए।
"मेरी माँ ने अपनी पहली शादी में बहुत दु:ख झेले। उन्हें कई बार शारीरिक हिंसाओं का सामना करना पड़ा और यह सब उन्होंने मेरे लिए सहा। पिटने के बाद जब उनके माथे से ख़ून टपकने लगता था, तो मैं अक्सर उनसे पूछता था कि वह इसे क्यों झेल रही है। वो जवाब में सिर्फ मेरा नाम लेती थीं।"
BBC की 'चुप्पी' का मतलब तो यही निकलता है कि मलबा मिलते ही वायुसेना के अधिकारियों को तुरंत अपने घर से निकलकर मोटरसाइकिल में किक मार के हादसे वाली जगह तक दौड़ जाना चाहिए था।
क्या हमारे पास इतना समय है कि ऐसे सड़कछाप पत्रकारों के ट्वीट पर उसके घर दो पुलिस वाले को भेज कर उठवा लिया जाए जबकि हर मिनट बलात्कार हो रहे हैं? क्या सरकारों की पुलिस या कोर्ट जैसी संस्थाओं को पास ऐसी बातों को लिए समय है जबकि करोड़ से अधिक गंभीर केस लंबित पड़े हैं?
'द इकनोमिक टाइम्स' की पत्रकार ने हिन्दू रीति-रिवाजों का अपमान करने की बात कही है। पत्रकार ने कहा कि हिन्दू रीति-रिवाजों का अपमान करना 'अभिव्यक्ति की आज़ादी' के अंतर्गत आता है। उन्होंने लिखा कि पेरियार की भूमि पर यह सब मान्य है।
स्व-घोषित फ़ैक्ट-चेकर वेबसाइट AltNews के सह-संस्थापक, जिसने हाल ही में अलीगढ़ में तीन साल की टीना (बदला हुआ नाम) की हत्या और संभावित बलात्कार के एक प्रमुख आरोपित असलम के अपराधों पर पर्दा डाला था, उसने ऑपइंडिया की रिपोर्ट को ख़ारिज और बदनाम करने का काम किया।
आनंद रंगनाथन ने अक्षय पात्र के समर्थकों से अपील की कि केवल जबानी समर्थन देने की बजाय अक्षय पात्र के कार्य के समर्थकों को अपना पैसा अपने समर्थन के रूप में लगाना चाहिए। तभी हिन्दूफ़ोबिक गिरोहों को जवाब मिलेगा।