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‘सपा सरकार है और सीएम हमारी जेब मैं है, जो चाहेंगे वही होगा’: कॉन्ग्रेस को समर्थन का ऐलान करने वाले तौकीर रजा पर बहू ने लगाए गंभीर आरोप

"उन्होंने मुझे कोर्ट में ही तलाक दे दिया और कहा कि ये मेरा हक है और मैं कभी भी दे सकता हूँ। उस दौरान उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी। मेरे शौहर ने मुझे धमकाते हुए कहा कि कुछ भी कर लो मुख्यमंत्री हमारी जेब में है। हम जो चाहेंगे वो करेंगे।"

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनावों (Assembly Election) के मद्देनजर मुस्लिम धर्मगुरू इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान (Taukir Raza Khan) ने कॉन्ग्रेस (Congress) का समर्थन करने का ऐलान किया है। लेकिन उनके ही खानदान की बहू निदा खान (Nida khan) ने तौकीर रजा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिसने अपने ही खानदान की बहू का सम्मान नहीं किया वो कॉन्ग्रेस के ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ कैम्पेन का समर्थन करने का दिखावा कर रहे हैं। निदा खान ने दो टूक कहा कि महिलाओं को सम्मान तो मोदी सरकार में मिला है।

निदा खान ने बताया कि 2015 में उनका निकाह दरगाह आला हजरत में नबीर ए आला हजरत के नाम से मशहूर शीरान रजा खान से हुई थी, जो कि तौकीर रजा खान के भतीजे हैं। शादी के कुछ दिनों के बाद मेरे एम कॉम की परीक्षा शुरू हुई तो मैं परीक्षा देने के लिए गई, लेकिन मेरे शौहर बीच परीक्षा से मुझे वापस ले आए। उन्होंने खुद ही कहा कि वो नहीं चाहते कि उनके घर की कोई भी महिला पढ़े। मैंने इसका विरोध किया तो मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। दहेज को लेकर काफी मारपीट की।

शीरान रजा खान के साथ निदा खान

उन्होंने आगे कहा, “शादी के पाँच महीने के बाद जब मैं अपने घर आ गई। जब ये दूसरा निकाह कर रहे थे तो मैंने कोर्ट में केस किया। तब उन्होंने मुझे कोर्ट में ही तलाक दे दिया और कहा कि ये मेरा हक है और मैं कभी भी दे सकता हूँ। उस दौरान उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी। मेरे शौहर ने मुझे धमकाते हुए कहा कि कुछ भी कर लो मुख्यमंत्री हमारी जेब में है। हम जो चाहेंगे वो करेंगे।”

तीन तलाक पीड़िता निदा कहती हैं कि उस घटना के बाद जब भी वो थाने में एफआईआर दर्ज कराने जाती थीं, तो यह कहकर रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया जाता था कि बहुत बड़े लोग हैं। जो भी इंसाफ मिला उस दौरान वो कोर्ट से मिला। लेकिन भाजपा की सरकार में हमने थाने में अपनी शिकायत बताई और तुरंत केस दर्ज किया गया।

निदा कहती हैं कि बीजेपी की सरकार में जब इनके खिलाफ केस दर्ज होने शुरू हुए तो इन्होंने (शौहर) फतवे का इस्तेमाल किया, जो कि औरतों को दबाने के लिए होते थे। ऐसा ही एक फतवा मेरे खिलाफ जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि मैं मर जाऊँ तो मेरे जनाजे में कोई न आए। तौकीर मियाँ सात साल बाद भी अपनी बहू के साथ इंसाफ नहीं कर पाए तो वो दूसरों के साथ क्या करेंगे।

बीजेपी ने तीन तलाक से लड़ने में दिया साथ

तौकीर रजा खान के खानदान की बहू निदा तीन तलाक को लेकर अपना डर बयाँ करते हुए कहती हैं, “जब भी मेरा पति बाहर जाता था तो मैं इस बात से डरी रहती थी कि मेरा पति घर लौटेगा तो मैं उसके निकाह में रहूँगी या नहीं। इसके खिलाफ लड़ाई में भाजपा सरकार ने साथ दिया, महिलाओं को सुरक्षा दी। तौकीर रजा महिलाओं को इस्तेमाल का सामान समझते आए हैं और आज भी वही कर रहे हैं। अगर आज हम जिंदा है तो वो केवल भाजपा की ही देन है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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