फैक्ट चेक: पाकिस्तान ने छेड़ा इंटरनेट युद्ध, ‘ट्विटर पर’ गिराए भारत के मिग विमान

मीडिया जिन विमानों की तस्वीर इंटरनेट पर दिखा रहा है वो 2015 और 2018 में ओडिशा में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमानों की तस्वीरें हैं। कुछ तस्वीरें 2016 में दुर्घटनाग्रस्त MiG-27 की हैं, जिनकी पुष्टि कुछ ट्वविटर एकाउंट्स ने की।

14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ दल पर आत्मघाती हमला किया गया था, जिसके बदले में सोमवार 25 फरवरी की रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा में करीब 80 किलोमीटर अंदर घुसकर बालाकोट में जैश के ठिकाने को तबाह कर दिया। जिसमें 300-400 आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सामने आई हैं।

आतंकवादियों पर भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान इस समय बौखलाया हुआ है और वह सोशल मीडिया पर एक लड़ाई छेड़ चुका है। पाकिस्तान सोशल मीडिया पर दावे कर रहा है कि आज सुबह ही उसकी सेना ने भारतीय सेना के 2 विमान मार गिराए और 2 भारतीय सैनिकों को बंदी बना चुका है।

कुछ पाकिस्तानी ‘ऑनलाइन सिपाहियों’ ने ये झूठी तस्वीरें शेयर करते हुए यह भी लिखा है कि यह इंडिया के लिए पाकिस्तान की तरफ से सरप्राइज़ है साथ ही ‘खूंखार हैशटैग’ में लिखा है, “#PakistanStrikesBack #PakistanZindabad”

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

हालाँकि, यह एकदम कोरी अफवाह है और मीडिया बिना जाँच-पड़ताल के ही इस अफवाह को सही मानकर सोशल मीडिया पर चलाने लगा। मीडिया जिन विमानों की तस्वीर इंटरनेट पर दिखा रहा है वो 2015 और 2018 में ओडिशा में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमानों की तस्वीरें हैं। कुछ तस्वीरें 2016 में दुर्घटनाग्रस्त MiG-27 की हैं, जिनकी पुष्टि कुछ ट्वविटर एकाउंट्स ने की।

https://platform.twitter.com/widgets.js

इन तस्वीरों की वास्तिविकता का पता चलने के बाद कुछ मीडिया एकाउंट्स ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिया।

Press TV का वह ट्वीट, जो बाद में डिलीट कर दिया गया

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

कॉन्ग्रेस

राहुल गाँधी की सुस्त रणनीति से चिंतित मीडिया, ‘इन्वेस्टमेंट’ खतरे में

मीडिया के एक धड़े में कॉन्ग्रेस की संभावित हार को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। शायद इतना ‘दाँव’ पर लगा है कि अब खुलकर भाजपा को हराने की हिमायत उनकी मजबूरी है।
आरफा खानम

शब्बीर बरखा को भेजता है अश्लील फोटो, आरफ़ा को ‘होली बिस्मिल्ला’ पर अशरफ़ी कहता है ‘डर्टी लेडी’

एक तरफ बरखा दत्त को अश्लील तस्वीर भेजने वाला शब्बीर है, वहीं दूसरी ओर 'द वायर' की पत्रकार आरफ़ा खानम हैं जिन्होंने होली मुबारक कहते हुए 'बिस्मिल्ला' शब्द लिखा तो 'सच्चे' मुसलमान भड़क उठे।
नीरव मोदी

नीरव मोदी की गिरफ़्तारी से दुःखी और अवसादग्रस्त कॉन्ग्रेस पेट पर मूसल न मार ले

कॉन्ग्रेस की यही समस्या है कि वो इतना नकारा तो चौवालीस सीट पाने के बाद भी नहीं महसूस कर पाया जितना विपक्ष में कि इतने नेताओं के महागठबंधन के बाद भी मोदी को घेरने के लिए उसके पास सिवाय अहंकार और अभिजात्य घमंड के और कुछ भी नहीं है।

स्वामी असीमानंद और कर्नल पुरोहित के बहाने: ‘सैफ्रन टेरर’ की याद में

कल दो घटनाएँ हुईं, और दोनों ही पर मीडिया का एक गिरोह चुप है। अगर यही बात उल्टी हो जाती तो अभी तक चुनावों के मौसम में होली की पूर्व संध्या पर देश को बताया जा रहा होता कि भगवा आतंकवाद कैसे काम करता है। चैनलों पर एनिमेशन और नाट्य रूपांतरण के ज़रिए बताया जाता कि कैसे एक हिन्दू ने ट्रेन में बम रखे और मुसलमानों को अपनी घृणा का शिकार बनाया।
रणजीत सिंह

कोहिनूर धारण करने वाला सिख सम्राट जिसकी होली से लाहौर में आते थे रंगीन तूफ़ान, अंग्रेज भी थे कायल

कहते हैं कि हवा में गुलाल और गुलाबजल का ऐसा सम्मिश्रण घुला होता था कि उस समय रंगीन तूफ़ान आया करते थे। ये सिख सम्राट का ही वैभव था कि उन्होंने सिर्फ़ अंग्रेज अधिकारियों को ही नहीं रंगा बल्कि प्रकृति के हर एक आयाम को भी रंगीन बना देते थे।

मोदी बनाम गडकरी, भाजपा का सीक्रेट ‘ग्रुप 220’, और पत्रकारिता का समुदाय विशेष

ये वही लम्पटों का समूह है जो मोदी को घेरने के लिए एक हाथ पर यह कहता है कि विकास नहीं हुआ है, रोजगार कहाँ हैं, और दूसरे हाथ पर, फिर से मोदी को ही घेरने के लिए ही, यह कहता है कि गडकरी ने सही काम किया है, उसका काम दिखता है।
मस्जिद

न्यूजीलैंड के बाद अब इंग्लैंड की 5 मस्जिदों पर हमला: आतंकवाद-रोधी पुलिस कर रही जाँच

हमलों के पीछे का मकसद अज्ञात है लेकिन वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ऐसा मान रही है कि सारे हमले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि आतंकवाद-रोधी पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
PM Modi मूवी ट्रेलर

PM NARENDRA MODI: जान डाल दिया है विवेक ओबेरॉय ने – दर्द, गुस्सा, प्रेम सब कुछ है ट्रेलर में

विवेक ओबेरॉय के अलावा बोमन इरानी, बरखा बिष्ट, मनोज जोशी, प्रशांत नारायण, राजेंद्र गुप्ता, जरीना वहाब और अंजन श्रीवास्तव मुख्य भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का डायरेक्शन उमंग कुमार ने किया है।
ताशकंद फाइल्स

The Tashkent Files: मीडिया गिरोह वालों… यह प्रोपेगेंडा नहीं, अपने ‘लाल’ का सच जानने का हक है

यह फिल्म तो 'सच जानने का नागरिक अधिकार' है। यह उस महान नेता की बहुत बड़ी सेवा है, जिसकी रहस्यमय मौत की पिछले 53 वर्षों में कभी जाँच नहीं की गई।

‘अश्लील वीडियो बनाकर सेवादारों ने किया था ब्लैकमेल’, पुलिस ने पेश किया 366 पन्नों का चालान

ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वह मानसिक रूप से बीमार हो गए थे। जाँच के आधार पर पुलिस का दावा है कि सुसाइड नोट को सेवादारों ने षड्यंत्र के तहत आत्महत्या करने से पहले लिखवाया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

24,263फैंसलाइक करें
6,161फॉलोवर्सफॉलो करें
30,697सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें


शेयर करें, मदद करें: