कॉन्ग्रेस इकोसिस्टम ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का अधूरा वीडियो शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि बीजेपी ने खुलेआम EVM हैक करने की बात को स्वीकारा है। ये अधूरा वीडियो सीएम गुप्ता का NDTV को दिए गए इंटरव्यू से लिया गया है।
इस वीडियो को एडिट कर सिर्फ सीएम गुप्ता के जवाब का क्लिप वायरल किया जाता है। इस वीडियो क्लिप को इस तरह से पेश किया जाता है कि सीएम गुप्ता ने EVM में हुए हेरफेर के आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

कॉन्ग्रेस के इस अधूरे वीडियो में इंटरव्यू कहती हैं, “ABVP और BJP केवल इसीलिए जीत रहे हैं क्योंकि वे EVM हैक कर रहे हैं और चुनाव आयोग उनका समर्थन कर रहा है।” इस पर रेखा गुप्ता जवाब देती हैं, “हाँ, जब वे 70 साल से ऐसा कर रहे थे तो किसी को कोई समस्या नहीं थी लेकिन जब हमने ऐसा किया तो अचानक यह गलत हो गया। यह सही है।”
इसके बाद वीडियो के इस कटे हुए भाग को खूब शेयर किया गया, जिसमें कैप्शन दिया गया कि BJP ने EVM हैक करने की बात स्वीकार कर ली है।
हालाँकि, ऑपइंडिया ने असली वीडियो खोज निकाला है और कॉन्ग्रेस इकोसिस्टम के अधूरे वीडियो का फैक्ट-चेक कर दिया। पूरे वीडियो में इंटरव्यू ले रही एंकर सवाल पूछती हैं कि राहुल गाँधी ने दावा किया है कि BJP सिर्फ EVM हैक करने के बाद ही जीतती है।
इस सवाल क जवाब देते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, “जब वो जीतते हैं तो ये जनता का जनादेश होता है। जब हम जीतते हैं तो ये अचानक EVM हैकिंग हो जाता है। कोई मुझे बताए कि ये फॉर्मूला किस किताब में लिखा है? राहुल गाँधी कहाँ से पढ़े हैं?” रेखा गुप्ता ने राहुल गाँधी पर गलत धारणाएँ बनाकर आम नागरिकों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
दिल्ली की सीएम कह रही हैं कि आप लोग रोना बंद करें। खुद सुन लीजिए… https://t.co/Rh739PSHiU pic.twitter.com/BRuEJd4fUw
— Amit Malviya (@amitmalviya) September 21, 2025
इंटरव्यू में आगे बढ़ते हुए जब उनसे कहा गया कि GenZ भी BJP के खिलाफ उठ सकती है, इस पर रेखा गुप्ता ने जवाब दिया, “युवा और GenZ पहले ही अपनी बात कह चुके हैं। विश्वविद्यालयों में ABVP की जीत दर्शाती है कि हमें कितना समर्थन प्राप्त है।” उन्होंने अंत में कहा, “जनता का आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ है और हमेशा रहेगा।”
अधूरे वीडियो और पूरे वीडियो के बीच अंतर से साफ समझ आता है कि कॉन्ग्रेस किस तरह भ्रामक कहानी फैलाने के लिए इस तरह की घिनौनी हरकत पर उतर सकती है और EVM हैकिंग से ‘वोट चोरी’ के अपने आरोपों को बढ़ावा दे सकती है।


