Homeदेश-समाजसड़कों पर नमाज बंद और सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर प्रतिबंध: बकरीद पर देशभर...

सड़कों पर नमाज बंद और सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर प्रतिबंध: बकरीद पर देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जानिए किस राज्य ने क्या व्यवस्था की

देशभर में बकरीद काफी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए देशभर के संवेदनशील और प्रमुख इलाकों में भारी पुलिस बल, पैरामिलिट्री फोर्स लगाए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी की जा रही है। हर जगह प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यही नहीं सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी भड़काऊ पोस्ट या अफवाह पर रोक लगाई जा सके और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

बकरीद को देखते हुए देश के अलग-अलग राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्थिति देखते हुए कहीं पर सड़कों पर नमाज पढ़ने से साफ मना किया गया है, कहीं खुले में कु्र्बानी देने से मना किया गया है तो कहीं पर पहले ही दंगा नियंत्रण बल की तैनाती कर दी गई है।

ये तैयारी सामान्य त्योहारों की तैयारी से इसलिए भी अलग है, क्योंकि कई बार इस त्योहार को मनाने के नाम पर देश की बहुसंख्यक आबादी की भावनाएँ आहत करने का काम होता है। ऐसे में सार्वजनिक व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द, कानून-व्यवस्था और स्वच्छता को बनाए रखना किसी भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। यही कारण है कि त्योहार से पहले प्रशासन को कई कड़े नियम लागू करने पड़ते हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होते हैं।

बकरीद के दिन दिल्ली से लेकर यूपी और बिहार से लेकर बंगाल-असम तक में सुरक्षाबल की तैनाती की गई है। कहाँ-क्या व्यवस्था है और सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं आइए जानते हैं-

बंगाल में कुर्बानी और नमाज को लेकर सख्ती

बकरीद पर बंगाल इस बार काफी बदला नजर आ रहा है। शुभेंदु सरकार के 1950 के पशु वध नियंत्रण अधिनियम को सख्ती से लागू करने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी देने पर सख्त मनाही है। तय बुचड़खानों में ही पशुओं को काटा जा सकता है।

सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं। सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने को लेकर पहले ही आदेश जारी किया जा चुका है। यहाँ तक कि कोलकात केरेड रोड पर होने वाला नमाज भी इस बार नहीं होगा। इसकी जगह बदल दी गई है। ये वही जगह है, जहाँ पूर्व सीएम ममता बनर्जी 2011 से हर साल बकरीद में आया करती थी और अपने वोट बैंक को संबोधित करती थी। इस बार वह ऐसा नहीं कर पाएँगी।

असम में बकरीद पर व्यवस्था

असम सरकार ने बकरीद पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सांप्रदायिक सौहार्द सुनिश्चित करने और मवेशियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। राज्य में गाय की कुर्बानी पर सख्त रोक है। असम कैटल प्रिजर्वेशन एक्ट 2021 में गाय और प्रतिबंधित मवेशियों की कुर्बानी पर रोक लगा दिया गया था। इसको देखते हुए कई ईदगाह कमिटियों ने आगे आकर गाय की कुर्बानी नहीं करने का आग्रह किया है। राज्य में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ईदगाह समितियों के इस फैसले का स्वागत किया है और मुस्लिम समुदाय से मौजूदा कानूनों का पालन करने और शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश में बकरीद पर नजारा

उत्तर प्रदेश सरकार ने बकरीद पर शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। व्यापक इंतजाम किए हैं।योगी सरकार ने पहले ही सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है। जगह तय किए गए हैं, वहीं नमाज अता किए जाएँगे। सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी देने की भी मनाही है। गोवंश और दूसरे प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जा सकती है। कुर्बानी के बाद बुचड़खानों की साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि गंदगी न फैले।

दिल्ली में बकरीद पर व्यवस्थाएँ

बकरा ईद पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्सेस को भी ग्राउंड पर उतारा गया है। दरअसल हाल ही में भारत-अफ्रीका फोरम समिट के टलने के कारण राजधानी में तैनात की गई पैरामिलिट्री फोर्सेस की 60 कंपनियों को अब दिल्ली के अलग-अलग जिलों में सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया है। विशेषकर उन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं, जो सांप्रदायिक या धार्मिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।

जम्मू कश्मीर में बकरीद पर सुरक्षा व्यवस्था

जम्मू-कश्मीर में बकरीद के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े और व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मस्जिदों, संवेदनशील इलाकों और बाजारों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है ताकि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।ईदगाहों और हजरतबल दरगाह, जामिया मस्जिद जैसे जगहों के आसपास सुरक्षा का विशेष घेरा बनाया गया है, ताकि नमाजियों को कोई असुविधा न हो।

महाराष्ट्र- बिहार में सुरक्षा इंतजाम

महाराष्ट्र में जगह जगह पर पुलिस तैनात हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो, वही बिहार में पुलिस हाई अलर्ट पर है। दंगा नियंत्रण बल के जवानों को भी तैनात किया गया है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है और सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए सख्त इंतजाम कर लिए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PM सूर्य घर योजना में लखनऊ बना देश का नंबर-1 सोलर जिला, नागपुर-सूरत को पछाड़ा: समझें कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान पाकर कैसे UP...

पीएम सूर्य घर पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश ने विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल कर अपना परचम लहराया है

अमेरिका-ईरान शांति समझौते से भारत को फायदा ही फायदा, कच्चे तेल की कम कीमतों से मिलेगी महँगाई से राहत-मजबूत होगा रुपया: समझें विकास की...

अमेरिका-ईरान शांति समझौता भारत के लिए हर मोर्चे पर एक 'मास्टरस्ट्रोक' साबित होने जा रहा है। भारत के लिए साल 2026 की यह सबसे सकारात्मक खबर है।
- विज्ञापन -