Tuesday, September 21, 2021
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जबरन इस्लाम कबूल करवा निकाह था ‘प्यार’, सिख से ब्याह ‘पागलपन’: कट्टरपंथियों-लिबरलों ने बदली चाल

मुस्लिमों को यह विश्वास ही नहीं हो रहा है कि लड़की की दोबारा से सिख व्यक्ति के साथ शादी की जा रही है। इससे पहले इफरा ने इसे सहमति से किया गया निकाह बताते हुए 18 साल की लड़की की कथित जबरन निकाह का बचाव किया था। लेकिन अब वह लड़की के सुखबीर से विवाह करने पर उसके मानसिक संतुलन पर सवाल उठा रही है।

जम्मू कश्मीर में दो सिख लड़कियों का अपहरण कर लिया गया था और जबरन उनका धर्मान्तरण करवा दिया गया था। उन्हीं दो लड़कियों में से एक हैं मनमीत कौर। मनमीत कौर का कथित तौर पर अपहरण करने के बाद जम्मू कश्मीर में एक मुस्लिम से उनका निकाह करवा दिया गया था। पंज प्यारों की अनुमति मिलने के बाद उनकी शादी सुखबीर सिंह से दोबारा कराई जाएगी। शादी मंगलवार दोपहर को पुलिस और लड़की के परिजनों के सामने होनी थी।

इस मामले में सिख कार्यकर्ता अमन बाली ने ट्विटर पर जानकारी दी कि कौर पंज प्यारों की अनुमति के बाद सुखबीर सिंह नाम के एक व्यक्ति से दोबारा शादी करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसके लिए हामी भी भर दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक मनमीत कौर का अपहरण कर लिया गया था और कथित तौर पर मुस्लिम व्यक्ति से उनका निकाह कराने से पहले उन पर इस्लाम कबूलने का दवाब डाला गया था। बताया गया था कि कौर मानसिक रूप से विक्षिप्त थीं और उसे एक मुस्लिम व्यक्ति ने प्रेम और निकाह के बहाने उसका धर्म परिवर्तन करने की कोशिश की थी।

बाली ने एक ऑडियो क्लिप भी शेयर की है, जिसमें पीड़ित लड़की के पिता ने अपनी व्यथा व्यक्त की है। इससे पहले इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि वास्तव में लड़की का अपहरण किया गया था या नहीं? लेकिन, लड़की के पिता ने इन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि उनकी बेटी का अपहरण किया गया था। बाली द्वारा शेयर किए गए ऑडियो क्लिप में पिता को रोते हुए सुना जा सकता है। इसमें वो अपनी पीड़ा बयाँ करते हुए कश्मीर में उन सिख लड़कियों को बचाने की भीख माँगते हैं, जो अपहरण और जबरन धर्मान्तरण की पीड़ित हैं।

लड़की के पिता ने मामले में पुलिस की मिलीभगत को लेकर भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में पुलिस की मिलीभगत है, इसीलिए उसने पीड़ित परिवार की कोई मदद नहीं की। पीड़िता के पिता की ऑडियो बातचीत को अमान बाली ने अपने ट्विटर पेज पर शेयर किया था। ऑपइंडिया इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

पीड़िता के पिता ने सिख समुदाय से भी मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि वह दोबारा से अपनी बच्ची को नहीं बचा पाएँगे और अपराधी उनकी बेटी के लिए फिर से वापस आएँगे। मनमीत कौर की सहमति के बाद ही पंज प्यारों ने सुखबीर से उनकी शादी की घोषणा की।

अब माफी, पिघले इस्लामिस्ट

मनमीत कौर की शादी को लेकर पंच प्यारों के ऐलान के बाद अब इस्लामिस्ट माफी माँगने लगे हैं। जबकि, इससे पहले मुस्लिमों ने अपहरण और जबरन धर्नमान्तरण की वारदात को सहमति से किया गया निकाह बताया था। कट्टरपंथी इस्लामी लड़की को बचाए जाने और उसकी मर्जी से उसी के समुदाय के लड़के से शादी किए जाने से नाराज थे।

सोशल मीडिया यूजर इफरा जान को यह विश्वास ही नहीं हो रहा है कि लड़की की दोबारा से सिख व्यक्ति के साथ शादी की जा रही है। इससे पहले इफरा ने इसे सहमति से किया गया निकाह बताते हुए 18 साल की लड़की की कथित जबरन निकाह का बचाव किया था। लेकिन अब वह लड़की के सुखबीर से विवाह करने पर उसके मानसिक संतुलन पर सवाल उठा रही है। जान ने इस शादी को जबरन की जा रही शादी करार दिया है।

इसी तरह से दूसरे इस्लामिक समर्थक भी मनमीत कौर के सुखबीर सिंह से विवाह करने पर स्तब्ध हैं। कल तक जो दावा करते थे कि लड़की अपने लिए लिए खुद निर्णय ले सकती है, आज वही उसके मानसिक संतुलन पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में दो सिख लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला

जम्मू-कश्मीर में इसी महीने 26 जून 2021 को दो सिख लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कश्मीर के बडगाम जिले की रहने वाली एक 18 वर्षीय सिख लड़की को बहला-फुसलाकर उससे इस्लाम कबूल करवा लिया गया। इसी कड़ी में दूसरा मामला श्रीनगर के महजूर का सामने आया। उस मामले में सिख लड़की अपने मुस्लिम दोस्त के साथ एक कार्यक्रम में शामिल हुई। वहाँ से कथित तौर पर उसे किडनैप कर उसका निकाह एक मुस्लिम से करा दिया गया। लड़की बालिग थी।

इस मामले के सामने आने के बाद इंटरनेट पर काफी हंगामा खड़ा हुआ। मामले में लोगों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की। शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से सोशल मीडिया पर उठाया और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

इस मामले में बडगाम गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार संतपाल सिंह के मुताबिक, उस लड़की की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम युवक ने प्यार और शादी का झाँसा देकर उसे फँसाया। उन्होंने कहा कि एक सिख लड़की को जबरन इस्लाम कबूल करवा दिया गया। उन्होंने कहा कि ये स्पष्ट रूप से ‘लव जिहाद’ का मामला है और सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।”

सरदार संतपाल ने कहा कि उन्होंने बताया कि एसपी ने लिखित में आश्वासन दिया था कि सिख लड़की को खोज कर परिवार के हवाले किया जाएगा, लेकिन कोर्ट का आदेश उनके खिलाफ आ गया। उन्होंने कहा, “पुलिस निरीक्षक ने हमें लिखित में आश्वासन दिया था कि लड़की को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे उन्हें सौंप दिया जाएगा। हालाँकि, जज ने मुस्लिम पक्ष के हक़ में फैसला दिया और लड़की को उसे ही सौंप दिया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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