गाँधी परिवार को विदेश में भी SPG सुरक्षा: मोदी सरकार का फैसला, कॉन्ग्रेस ने कहा – ‘ये तो निगरानी करवाना है’

विशेषज्ञों ने बताया कि एसपीजी सुरक्षा कवर प्राप्त व्यक्ति को हमेशा एसपीजी दस्ते को अपने साथ ही रखना होता है लेकिन गाँधी परिवार के तीनों सदस्य समय-समय पर विदेश दौरों पर जाते रहते हैं और इस दौरान वे एसपीजी को साथ नहीं ले जाते।

केंद्र सरकार ने एसपीजी सुरक्षा कवर के नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्णय लिया है। बता दें कि ‘स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप’ की सुरक्षा भारत में गिने-चुने नेताओं को ही मिली हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गाँधी परिवार के तीनों सदस्यों को एसपीजी सिक्योरिटी कवर मिला हुआ है। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी फ़िलहाल एसपीजी की सुरक्षा का लाभ उठा रही हैं। अब सरकार ने कहा है कि जिन्हें भी एसपीजी कवर मिला हुआ है, उन्हें विदेश दौरों पर भी इसे लेकर जाना होगा

सरकार ने सुरक्षा कारणों ने एसपीजी सिक्योरिटी कवर के दिशा-निर्देशों में कड़ाई की है। नियमों के अनुसार, एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति अगर विदेश दौरे पर भी जाता है तो एसपीजी उसके साथ ही रहेगी। इस तरह से सोनिया, राहुल और प्रियंका अगर विदेश दौरों पर भी जाते हैं तो एसपीजी दस्ता उनके साथ ही जाएगा। कॉन्ग्रेस ने इस फ़ैसले का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार गाँधी परिवार की निगरानी कराने के लिए ऐसा कर रही है। भाजपा ने कॉन्ग्रेस के इन आरोपों को नकार दिया।

हालाँकि, एक अनाम कॉन्ग्रेस नेता ने ‘टाइम्स नाउ’ को बताया कि राहुल गाँधी नियम-क़ानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और उन्होंने हमेशा से सभी सरकारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया है। उक्त नेता ने कहा कि अगर उनके भले के लिए, उनकी सुरक्षा के लिए ऐसा किया गया है तो इस फ़ैसले को सहर्ष स्वीकार करेंगे। उस नेता ने आगे जानकारी दी कि पूरे दस्ते को लेकर विदेश यात्रा पर जाना बड़ा मुश्किल होता है, इसीलिए राहुल गाँधी विदेश दौरों पर 2-3 एसपीजी कमांडो लेकर जाते रहे हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार ने एसपीजी की नियमावली में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया है बल्कि पहले से ही तय किए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों ने बताया कि एसपीजी सुरक्षा कवर प्राप्त व्यक्ति को हमेशा एसपीजी दस्ते को अपने साथ ही रखना होता है लेकिन गाँधी परिवार के तीनों सदस्य समय-समय पर विदेश दौरों पर जाते रहते हैं और इस दौरान वे एसपीजी को साथ नहीं ले जाते। एसपीजी की टीम को हवाई अड्डे से ही वापस कर दिया जाता है।

केंद्र सरकार को लगता है कि ऐसा करना सुरक्षा में लापरवाही बरतना है। इसीलिए, अब नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। बता दें कि राहुल गाँधी अभी भी विदेश दौरे पर हैं और वह एसपीजी दस्ते को साथ लेकर नहीं गए हैं। ‘इंडिया टुडे’ के सूत्रों के अनुसार, अगर एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति इन नियमों का पालन करने से इनकार करता है तो सरकार उसके विदेश दौरों पर रोक लगा सकती है। अगस्त 2017 में राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया था कि राहुल गाँधी ने जानबूझ कर एसपीजी सुरक्षा के बिना 2 साल में विदेश में 72 दिन गुजारे ताकि वह विदेश दौरे के डिटेल्स छिपा सकें।

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