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दंगाइयों की संपत्ति बेच कर होगी नुकसान की भरपाई: उपद्रवियों पर सख्त हुए CM योगी

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक-एक उपद्रवी की पहचान की जा रही है। सिर्फ़ सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने वालों की ही नहीं, बल्कि इसके लिए भड़काने वालों की भी संपत्ति नीलाम की जाएगी। जिन्होंने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया और जिनके चलते सरकार को क्षति हुई, उनपर भी शिंकजा कसा जाएगा।

उत्तर प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सख्त हो उठी है। वहीं सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने वालों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा सन्देश दिया है। नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के ख़िलाफ़ गुरुवार (दिसंबर 19, 2019) को विरोध प्रदर्शन करते हुए उपद्रवियों ने पुलिस के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया, मीडियाकर्मियों के OB वैन को फूँक दिया और राज्य परिवहन की बसों को भी जला डाला। मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि सार्वजानिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने वालों की संपत्ति बेच कर इसकी भरपाई की जाएगी। उपद्रवियों की संपत्ति को नीलाम करके जो पैसे आएँगे, उससे उनके द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को पहुँचाई गई क्षति की भरपाई होगी।

सीएम योगी ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी से मुलाक़ात कर दंगाइयों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ख़ुद स्थिति पर पैनी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने पुलिस से कहा है कि उपद्रवियों को चिह्नित कर उनपर कड़ी कार्रवाई करें। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार उपद्रवियों की संपत्ति नीलाम कर वसूली करेगी। अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखने के आदेश जारी किए गए हैं। सीएम योगी ने जनता को सन्देश जारी करते हुए कहा:

लखनऊ और संभल में बवाल किया गया। संभल में भी कई गाड़ियाँ जलाई गईं। नागरिकता कानून किसी के खिलाफ नहीं है। विपक्ष भ्रम के हालात पैदा कर रहा है। उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाए। प्रदर्शन के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ में दर्जन भर वाहनों में आग लगाई गई। उपद्रवियों की संपत्ति कुर्क कर भरपाई की जाएगी। हिंसा में लिप्त लोगों की संपत्ति जब्त की जाएगी। लोकतंत्र में हिंसा के लिए जगह नहीं है।

लखनऊ प्रशासन ने कहा है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक-एक उपद्रवी की पहचान की जा रही है। जो अब तक बच निकले हैं, ऐसे दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए पुलिस कमर कस रही है। लखनऊ के कमिश्नर ने बताया कि सिर्फ़ सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने वालों की ही नहीं, बल्कि इसके लिए भड़काने वालों की भी संपत्ति नीलाम की जाएगी। जिन्होंने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया और जिनके चलते सरकार को क्षति हुई, उनपर भी शिंकजा कसा जाएगा।

राजधानी लखनऊ में प्रदर्शनकारियों ने 20 मोटरसाइकिलों, 10 कारों, 3 बसों और मीडिया की 4 ओबी वैन को आग के हवाले कर दिया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोलों का प्रयोग करना पड़ा। यूपी पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज भी किया। लखनऊ में शुक्रवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। वाराणसी में पहले ही स्कूलों व कॉलेजों को बंद करा लिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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