Friday, September 18, 2020
Home रिपोर्ट मीडिया मीडिया को सत्ता का गुंडा बताने वाले रवीश के 4P- प्रपंच, पाखंड, प्रोपेगेंडा, प्रलाप

मीडिया को सत्ता का गुंडा बताने वाले रवीश के 4P- प्रपंच, पाखंड, प्रोपेगेंडा, प्रलाप

मीडिया को सत्ता का गुंडा बताने वाले रवीश कुमार ने ईजाद कर लिए हैं मीडिया के 4P- प्रपंच, पाखंड, प्रोपेगेंडा, प्रलाप। खुद जिस रवीश कुमार का व्यवसाय दैनिक-प्रलाप और '4P' बन चुका है, वह किस हैसियत से यह कह देता है कि मीडिया मर चुका है?

“काहे री नलिनी तू कुम्हिलानी, तेरी नाल सरोवर पानी।
जल में उतपति जल में बास, जल में नलिनी तोर निवास।”

कबीर के इस दोहे का अर्थ है- “नलिनी तुम क्यों नाहक कुम्हलाई जाती हो, तुम्हारी नाल सरोवर के पानी में है, तुम्हारी उत्पत्ति और निवास ही जल में है, फिर कुम्हलाने की वजह?”

मार्केटिंग में 4’P का कॉन्सेप्ट होता है और यह पूरा उद्योग इन्हीं 4’P’ के आसपास मंडराता रहता है। इसी तरह से रवीश कुमार ने भी कुछ ‘P/प’ ईजाद किए हैं- प्रपंच, पाखंड, प्रोपेगंडा और प्रलाप!

दिन रात इन 4P’s से घिरे होने के बावजूद रवीश कुमार हैं कि कुम्हलाए ही जा रहे हैं। रवीश को जितना जल्दी हो सके कबीर को पढ़ना चाहिए। चाहे तो वो सोशल मीडिया से समय बचा लें लेकिन उन्हें यह दोहा ज़रूर पढ़ना चाहिए।

- विज्ञापन -
यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने बता दिया हिंदी मीडिया में कूड़ा परोसने वाले कौन

इंसान अपनी आँखों को अपनी ही हथेलियों से मूँदकर कहता है कि संसार में कितना अन्धकार है। अफ़सोस कि एक पुरस्कार, जो आजकल पुरस्कार कहलाए जाने के अलावा बाकी सब कुछ है, जैसे- एशिया का नोबेल या फिर ‘ऑस्कर’, भी कुछ नहीं बदल पाया। सुकून इतना है कि आजकल टीआरपी पर बवाल कम हो गया। लेकिन टीआरपी के आँकड़े इतने महत्वपूर्ण नहीं हैं क्योंकि आजकल निराशा का कारण यह है कि उनके लाडले पाकिस्तान की चारों ओर फजीहत हुई है।

ट्रम्प और मोदी ताली दे रहे हैं, एक-दूसरे को सबके सामने चूँटी काट रहे हैं। उन्होंने ‘मान लिया’ था कि ‘बराक’ के बाद अमेरिका से यह नाता टूट जाएगा, लेकिन नए राष्ट्रपति तो मोदी को चूँटी काट रहे हैं। बिना किसी औपचारिकता के ही यह सब हो रहा है।

जब जब ट्रम्प-मोदी ताली मरते हैं, तब-तब दुनिया के एक कोने में एक ज़ीरो टीआरपी पत्रकार खुद को कहीं अँधेरे में बैठकर कोड़े मारता है। हालाँकि, इसका कोई ऑफ़ दी रिकॉर्ड सूत्र नहीं है, लेकिन फिर भी मैं ‘मानकर’ चल रहा हूँ कि वो ऐसा करते होंगे। क्योंकि यही तो उनके अनुसार पत्रकारिता है।

पत्रकारिता; यानी ‘मान लेना’। गणित के गुरूजी कक्षा छह में समझाते थे कि मान लो, यह है नहीं लेकिन मानना पड़ता है क्योंकि गणित ऐसे ही काम करती है। तब यह नहीं सोचा था कि एक दिन पत्रकारिता में भी यही गणित घुसकर सब कुछ भुसकोल कर देगी।

इसी तरह रवीश कुमार दैनिक कार्यक्रम के तहत काली स्क्रीन वाले स्टूडियो कहते हैं- “भगत जनों, ‘मान लीजिए।” उधर से जवाब में उनके सौ-साठ भगत-जन और ज्यादा ऊँची आवाज में कहते हैं- ‘मान लिया।’

यह भी पढ़ें: कथा श्री-श्री 1008 श्री रवीश कुमार और उनके अखंड भगत-जनों की

कितना सुखद अनुभव है कि रवीश कहते हैं और भगत-जन एक ही बार में बिना सवाल किए मान लेते हैं। फिर भी रवीश कहते हैं कि पत्रकारिता नहीं होने दे रहे हैं। इसी क्रम में आज के एक लेख में रवीश ने मीडिया को सत्ता का गुंडा बता दिया है।

इसका सीधा सा मतलब है कि जो आपके एकतरफा पत्रकारिता से सहमत नहीं है वो गुंडा है। चलिए एकबार फिर मान लेते हैं। यदि रवीश से असहमति मीडिया को गुंडा बनाती है तो सोचिए रवीश खुद कितने बड़े खलनायक हैं। उनकी बातों से तो सुप्रीम कोर्ट तक असहमति जता चुका है। कोर्ट कई बार रवीश कुमार से कह चुका है कि उन्होंने संसाधनों का समय बर्बाद किया है।

तो क्या सुप्रीम कोर्ट भी सत्ता का गुंडा है? क्या इस देश में अकेली जो आवाज लोकतंत्र की कहलाई जा सकती है वो रवीश कुमार द्वारा हवा में छोड़े गए तीर हैं? चाहे जस्टिस लोया केस हो या फिर NSA अजीत डोभाल और उनके बेटों को D-कम्पनी बताने का प्रपंच हो, रवीश के सभी इल्जाम झूठे निकल आए हैं। क्या उनके किसी भगत ने उनसे यह पूछा कि टीआरपी के लिए आपने इन सभी बेबुनियाद इल्जामों पर हमें यकीन करने को क्यों कहा?

रवीश कुमार खुद क्यों नहीं उस मीडिया का उदाहरण पेश कर देते हैं जिसकी वो कामना करते देखे जाते हैं?
खुद जिस रवीश कुमार का व्यवसाय दैनिक-प्रलाप और ‘4P’ बन चुका है, वह किस हैसियत से यह कह देता है कि मीडिया मर चुका है? एक ऐसे वरिष्ठ पत्रकार जिनकी टीआरपी सिर्फ उनका रोता हुआ चेहरा देखने की वजह से बढ़ती या घटती हो, वो जब अपने विष के लिए कश्मीर और अर्थव्यवस्था की आढ़ लेने लगे तो इसे सिर्फ कोरा प्रवचन कहते हैं।

अगर ऐसा न होता तो अर्थव्यवस्था से शुरू होने वाले रवीश के लेख मीडिया को कोसते हुए ख़त्म नहीं हो रहे होते।
चुनाव से ठीक पहले रवीश कुमार ने कहा था कि यह सरकार ‘इवेंट’ की सरकार है। हालाँकि, उनका यह तकिया-कलाम चुनावों में उनके मनमुताबिक नतीजे लाने में नाकामयाब रहा लेकिन फिर वो यही बात आज भी कहते सुने जा सकते हैं।

रवीश कुमार के लिए यह जानना आवश्यक है कि एक इवेंट की सरकार कॉन्ग्रेस की उन तमाम लोकसभाओं में से लाख बेहतर है जिसने अपनी जनता को वर्षों तक तुष्टिकरण और घोटालों के दलदल में डुबोकर रखा।

टीआरपी की तलाश में समाजवादी गुंडों के स्टेज पर चढ़ जाने को तैयार होने वाले रवीश कुमार को किसी को पत्रकारिता सिखाने की आवश्यकता नहीं है। उनका दैनिक रुदन देखकर तो इस समय यही लगता है कि अगर किसी को पत्रकारिता सीखने की जरूरत है तो वो खुद रवीश कुमार हैं।

वो हिंदी के दोषी हैं, वो पत्रकारिता के दोषी हैं, वो तमाम उन लोगों के दोषी हैं जिनके साथ वो अपनी कुटिल मुस्कान से रोजाना नए छल कर जाते हैं। वो लोगों को जागरूक करने से ज्यादा उन्हें भ्रम में रखने में यकीन करते हैं।

वो अपने स्टूडियो में बैठकर कहते हैं कि मोदी सरकार की मुद्रा योजना फेल है, जबकि आँकड़े इसके उलट कुछ और ही कह रहे हैं। वो कहते हैं कि स्वरोजगार का वादा इस सरकार का इवेंट है। जबकि ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण मैं स्वयं ये बात जानता हूँ कि मुद्रा बैंक और रोजगार सृजन से लेकर कौशल विकाश जैसे कार्यक्रमों ने देश के युवाओं और छोटे-बड़े व्यापारियों को एक बड़े हद तक प्रभावित किया है।

लेकिन रवीश ने अपने स्टूडियो में बैठकर सब कुछ तय कर लिया है। उन्होंने उसी बीजगणित के अध्याय की तरह सब कुछ अब ‘मान लिया’ है। इससे बड़ी हानि यह है कि वो चाहते हैं कि उनके इसी ‘मान लेने’ को बाकी लोग भी मान लें, जबकि उनका यह बीजगणित एकदम ऊसर है, इससे कुछ भी सृजन नहीं हो सकता है।

अर्थव्यवस्था का टेंशन छोड़िए रवीश बाबू, और उस टीआरपी पर ध्यान दीजिए जो आपको सोने, खाने से लेकर उठने-बैठने तक पर मोदी-स्मरण करवाने लगी है।

आपको कश्मीर का दर्द नहीं है आपका दर्द कश्मीर पर सरकार की होने वाली वाहवाही है। यह समय आत्म चिंतन का है। आपके एक कट्टर-भगत की आपसे यही माँग है। जितना जल्दी हो सके, लौट आइए, आपको कोई कुछ नहीं कहेगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आपसे उम्मीद की जाती है कि निष्पक्ष रहो’: NDTV पत्रकार श्रीनिवासन को व्यवसायी राकेश झुनझुनवाला ने सिखाया नैतिकता का पाठ

साक्षात्कार के दौरान झुनझुनवाला ने एनडीटीवी पत्रकार और उनके मीडिया हाउस को मोदी से घृणा करने वाला बताया। उन्होंने पत्रकार से कहा, "आप सिर्फ़ सरकार की आलोचना करते हो।"

शाहीन बाग में जिस तिरंगे की खाई कसमें, उसी का इस्तेमाल पेट्रोल बम बनाने में किया: दिल्ली दंगों पर किताब में खुलासा

"वह प्रदर्शन जो महात्मा गाँधी, डॉ बीआर अम्बेडकर की तस्वीरों और तिरंगा फहराने से शुरू हुआ था उसका अंत तिरंगे से पेट्रोल बम बनाने में, दुकानों को, घरों को जलाने में हुआ।"

किसानों का विकास, बाजार का विस्तार, बेहतर विकल्प: मोदी सरकार के तीन विधेयकों की क्या होंगी खासियतें

मोदी सरकार ने तीन नए विधेयक पेश किए हैं ताकि कृषि उत्पादन के लिए सरल व्यापार को बढ़ावा मिले और मौजूदा एपीएमसी सिस्टम से वह आजाद हों, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के और ज्यादा विकल्प व अवसर मिलें।

व्यंग्य: आँखों पर लटके फासीवाद के दो अखरोट जो बॉलीवुड कभी टटोल लेता है, कभी देख तक नहीं पाता

कालांतर में पता चला कि प्रागैतिहासिक बार्टर सिस्टम के साथ-साथ 'पार्टनर स्वापिंग' जैसे अत्याधुनिक तकनीक वाले सखा-सहेलियों के भी बार्टर सिस्टम भी इन पार्टियों में हुआ करते थे।

रेपिस्ट अब्दुल या असलम को तांत्रिक या बाबा बताने वाले मीडिया गिरोहों के लिए जस्टिस चंद्रचूड़ का जरूरी सन्देश

सुदर्शन न्यूज़ के कार्यक्रम पर जस्टिस चंद्रचूड़ मीडिया को सख्त संदेश दिया है कि किसी एक समुदाय को निशाना नहीं बनाया जा सकता है। लेकिन समुदाय का नाम नहीं लिया गया।

NCB ने करण जौहर द्वारा होस्ट की गई पार्टी की शुरू की जाँच- दीपिका, मलाइका, वरुण समेत कई बड़े चेहरे शक के घेरे में:...

ब्यूरो द्वारा इस बात की जाँच की जाएगी कि वीडियो असली है या फिर इसे डॉक्टरेड किया गया है। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है, तो जाँच आगे बढ़ने की संभावना है।

प्रचलित ख़बरें

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA बदरुद्दीन के बेटे का लव जिहाद: 10वीं की हिंदू लड़की से रेप, फँसा कर निकाह, गर्भपात… फिर छोड़ दिया

अजीजुद्दीन छत्तीसगढ़ के दुर्ग से कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA बदरुद्दीन कुरैशी का बेटा है। लव जिहाद की इस घटना के मामले में मीडिया के सवालों से...

‘हीरो के साथ सोकर मिलते हैं फिल्मों में 2 मिनट के रोल’: कंगना ने जया बच्चन को जवाब देते हुए किया नया खुलासा

कंगना रनौत ने इससे पहले जया बच्चन से पूछा था कि जैसा उनके और सुशांत के साथ हुआ अगर वही श्वेता और अभिषेक के साथ होता, तो भी वो यही कहती?

‘ब्यूरोक्रेसी पर कब्जा करो… अपने नस्लों के फायदे के लिए पावर हाथ में लो’ – इमरान प्रतापगढ़ी का वीडियो वायरल

इमरान प्रतापगढ़ी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इमरान प्रतापगढ़ी मुस्लिमों से ब्यूरोक्रेसी पर ‘कब्जा’ करने के लिए कहते हैं।

जया बच्चन का कुत्ता टॉमी, देश के आम लोगों का कुत्ता कुत्ता: बॉलीवुड सितारों की कहानी

जया बच्चन जी के घर में आइना भी होगा। कभी सजते-संवरते उसमें अपनी आँखों से आँखे मिला कर देखिएगा। हो सकता है कुछ शर्म बाकी हो तो वो आँखों में...

3 नाबालिग सगी बेटियों में से 1 का 5 साल से रेप, 2 का यौन शोषण कर रहा था मोहम्मद मोफिज

मोफिज ने बीवी को स्टेशन पर ढकेल दिया, क्योंकि उसने बेटी से रेप का विरोध किया। तीनों बेटियाँ नाबालिग हैं, हमारे पास वीडियो कॉल्स और सारे साक्ष्य हैं। बेगूसराय पुलिस इस पर कार्रवाई कर रही है।

AMU वाले स्कूल की लीज समाप्त, जिस जाट राजा ने दान दी थी जमीन, उनके वंशज ने कहा – ‘वापस करो’

लीज समाप्त होने के बाद जाट राजा के वंशजों ने माँग की है कि विश्वविद्यालय के आगरा स्थित स्कूल का नाम बदलकर उनके नाम पर रखा जाए और...

नेहरू-गाँधी परिवार पर उठाया था सवाल: सदन में विपक्ष के हो-हल्ले के बाद अनुराग ठाकुर ने माँगी माफी, जाने क्या है मामला

"PM Cares एक पंजीकृत चैरिटेबल ट्रस्ट है। मैं साबित करने के लिए विपक्ष को चुनौती देना चाहता हूँ। यह ट्रस्ट इस देश के 138 करोड़ लोगों के लिए है।"

अलीगढ़ में दिन दहाड़े बंदूक की नोक पर 35 लाख के जेवर लूटने वाले तीनों आरोपितों को यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

कुछ दिन पहले इंटरनेट पर चोरी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें ये तीन लुटेरे बंदूक की नोक पर अलीगढ़ में एक आभूषण की दुकान को लूट रहे थे।

‘आपसे उम्मीद की जाती है कि निष्पक्ष रहो’: NDTV पत्रकार श्रीनिवासन को व्यवसायी राकेश झुनझुनवाला ने सिखाया नैतिकता का पाठ

साक्षात्कार के दौरान झुनझुनवाला ने एनडीटीवी पत्रकार और उनके मीडिया हाउस को मोदी से घृणा करने वाला बताया। उन्होंने पत्रकार से कहा, "आप सिर्फ़ सरकार की आलोचना करते हो।"

MP: कॉन्ग्रेस ने गाय को किया चुनाव के लिए इस्तेमाल, शरीर पर पंजे के निशान के साथ लिखा उम्मीदवार का नाम

इंदौर की सांवेर विधानसभा सीट पर उपचुनाव है। उसी चुनाव में लोगों को उम्मीदवार की ओर आकर्षित करने के लिए यह वाहियात कार्य किया गया है।

महाराष्ट्र सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी देने के पैसे नहीं, लेकिन पीआर के लिए खर्च कर रही ₹5.5 करोड़

शिवसेना की अगुवाई वाली महाविकास आघाड़ी समिति के प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र सरकार के पीआर के प्रबंधन के आवेदन करने के लिए निजी विज्ञापन एजेंसियों को आमंत्रित करते हुए एक ई-टेंडर जारी किया है।

‘एक बार दिखा दे बस’: वीडियो कॉल पर अपनी बेटियों से प्राइवेट पार्ट दिखाने को बोलता था मोहम्मद मोहफिज, आज भेजा गया जेल

आरोपित की बेटी का कहना है कि उनका घर में सोना भी दूभर हो गया था। उनका पिता कभी भी उनके कपड़ों में हाथ डाल देता था और शारीरिक संबंध स्थापित करने की कोशिश करता था।

अमेरिका में भी चीनी ऐप्स TikTok और वीचैट पर रविवार से बैन: राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंधमारी बताई गई वजह

अमेरिकी सरकार ने भी इन एप्स को बैन करने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंधमारी को कारण बताया है। कोरोना वायरस, चीन की चालबाजी, टैक्नोलॉजी पर बढ़ते तनाव और अमेरिकी निवेशकों के लिए वीडियो ऐप TikTok की बिक्री के बीच यह फैसला सामने आया है।

1995 के अमूल विज्ञापन पर चित्रित उर्मिला पर बौखलाए लिबरल्स: रंगीला के प्रमोशन को जोड़ा कंगना की टिप्पणी से

25 साल पहले बनाया गया यह विज्ञापन अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर की फिल्म 'रंगीला' में उनके प्रदर्शन को देखते हुए बनाया गया था।

शाहीन बाग में जिस तिरंगे की खाई कसमें, उसी का इस्तेमाल पेट्रोल बम बनाने में किया: दिल्ली दंगों पर किताब में खुलासा

"वह प्रदर्शन जो महात्मा गाँधी, डॉ बीआर अम्बेडकर की तस्वीरों और तिरंगा फहराने से शुरू हुआ था उसका अंत तिरंगे से पेट्रोल बम बनाने में, दुकानों को, घरों को जलाने में हुआ।"

ड्रग्स के खिलाफ NCB का ताबड़तोड़ एक्शन: 4 ड्रग पेडलर गिरफ्तार, ₹4 करोड़ की ड्रग्स सीज, मिला बॉलीवुड लिंक

इसी के तहत कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने मुंबई से चार और ड्रग पैडलर्स को भी हिरासत में लिया है। ड्रग्स पेडलर्स के पास से एनसीबी ने लाखों रुपए की ड्रग्स भी बरामद की है।

हमसे जुड़ें

260,559FansLike
77,913FollowersFollow
322,000SubscribersSubscribe
Advertisements